तिरुवनंतपुरम: भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विधानसभा चुनाव के अंतिम परिणाम के अनुसार, केरल में कांग्रेस 63 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। वहीं सीपीआई(एम) 26 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर काबिज है। इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) 22 सीटों के साथ तीसरे पायदान पर है। जबकि सीपीआई के खाते में 8 सीटें आई हैं।
इसी प्रकार केरल कांग्रेस ने सात सीटों में विजय प्राप्त की है। वहीं आरएसपी और बीजेपी ने 3-3 सीटें अपने नाम की है। राजद यहां एक सीट जीतने में सफल रही। आरएमपीओआई, केरल कांग्रेस (जेकॉब) और सीएमपीकेएससी भी एक-एक सीट जीतने में सफल रही हैं। दक्षिण राज्य में स्वतंत्र उम्मीदवार चार सीट जीतने में कामयाब रहे। वहीं कांग्रेस के उत्साहजनक प्रदर्शन पर पार्टी नेता राहुल गांधी ने यहां के वोटर्स का आभार व्यक्त किया।
राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, "केरलम में मेरे भाइयों और बहनों का, इस सचमुच निर्णायक जनादेश के लिए, बहुत-बहुत धन्यवाद। यूडीएफ के हर नेता और कार्यकर्ता को, एक ज़ोरदार और बेहतरीन ढंग से चलाए गए चुनावी अभियान के लिए, बधाई। जैसा कि मैंने पहले भी कहा था—केरलम में प्रतिभा है, केरलम में क्षमता है, और अब केरलम में एक ऐसी यूडीएफ सरकार है जिसके पास इन दोनों का सही इस्तेमाल करने का एक स्पष्ट दृष्टिकोण है। मैं अपने केरलम परिवार से जल्द ही मिलने के लिए उत्सुक हूँ।"
140 विधानसभा सीटों वाले राज्य केरल में 9 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनावों में पड़े वोटों की गिनती सोमवार (4 मई) सुबह 8:00 बजे राज्य भर में 43 जगहों पर बने 140 केंद्रों पर शुरू हुई। जिन स्ट्रॉन्ग रूम में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें रखी गई थीं, उन्हें सुबह करीब 6:30 बजे चुनाव आयोग के पर्यवेक्षकों, सुरक्षाकर्मियों और उम्मीदवारों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में खोला गया। यहां बहुमत का आंकड़ा 71 है। यानी, यहां सरकार के गठन के लिए किसी भी पार्टी या गठबंधन को कम से कम 71 विधायक चाहिए होते हैं।