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हेमंत सोरेन ने ईडी द्वारा भेजे गये सातवें समन को बताया 'अवैध', एजेंसी ने पेश होने के लिए दिया था आखिरी मौका: सूत्र

By आशीष कुमार पाण्डेय | Updated: January 3, 2024 07:06 IST

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कथित जमीन घोटाले में ईडी द्वारा पूछताछ के लिए भेजे गये सातवें समन को 'अवैध' करार दिया है।

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ठळक मुद्देहेमंत सोरेन ने ईडी द्वारा पूछताछ के लिए भेजे गये सातवें समन को 'अवैध' करार दिया हैसीएम सोरेन ने ईडी को लिखे पत्र में यह कहा है कि वह अपनी संपत्तियों का ब्योरा पहले ही दे चुके हैंईडी झारखंड के मुख्यमंत्री को पूछताछ के लिए पेश होने के लिए कुल सात समन भेज चुका है

रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को कथित भूमि घोटाले में अपना बयान दर्ज करने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा कुछ दिन पहले 'अंतिम अवसर' दिया गया था, लेकिन सूत्रों ने कहा कि मुख्यमंत्री सोरेन ने बीते मंगलवार को भेजे गये जवाब में खुद को भेजे गये समन को 'अवैध' करार दिया है।

सूत्रों के मुताबिक सीएम सोरेन ने ईडी को लिखे अपने पत्र में यह भी कहा है कि वह अपनी संपत्तियों का ब्योरा पहले ही दे चुके हैं। झारखंड के मुख्यमंत्री को पूछताछ के लिए पेश होने के लिए ईडी अब तक कुल सात समन भेज चुका है, लेकिन मुख्यमंत्री किसी भी समन पर पेश नहीं हुए हैं।

हेमंत सोरेन की ओर से ईडी के समन के बदले भेजे गये जवाब में कहा गया है कि समन 'अवैध' हैं। उन्होंने ईडी पर पूरे मामले का मीडिया ट्रायल करने का भी आरोप लगाया है। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि ईडी उनके सरकार को अस्थिर करने के लिए बार-बार समन भेज रही है जबति उन्होंने अपनी संपत्तियों का ब्योरा पहले ही उसे दे दिया है।

इससे पहले पिछले हफ्ते ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 के प्रावधानों के तहत भेजे गये सातवें समन के बाद कहा था कि चूंकि वह छह समन के बाद भी उपस्थित नहीं हुए हैं, इसलिए एजेंसी उन्हें सातवां और आखिरी समन भेज रही है।

ईडी के सातवें समन में कहा गया, "चूंकि आप जारी किए गए छह समन का पालन न करते हुए प्रवर्तन निदेशालय के कार्यालय में नहीं आए हैं, इसलिए हम आपको धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 की धारा 50 के तहत अपना बयान दर्ज करने का यह आखिरी मौका दे रहे हैं।

उससे पूर्व ईडी ने पूछताछ के लिए 12 दिसंबर को छठा समन जारी किया, लेकिन मुख्यमंत्री कार्यवाही में शामिल नहीं हुए थे। सीएम सोरेन को पहली बार ईडी ने अगस्त के मध्य में भूमि 'घोटाले' मामले में तलब किया था। हालांकि सीएम ने यह दावा करते हुए सम्मन को नजरअंदाज कर दिया कि वह राज्य के स्वतंत्रता दिवस समारोह में व्यस्त थे।

उन्हें 24 अगस्त और 9 सितंबर को फिर से उपस्थित होने के लिए कहा गया था, लेकिन उन्होंने व्यस्तताओं का हवाला देते हुए तारीखों को छोड़ दिया। इसके बाद एजेंसी ने उन्हें चौथा समन जारी किया और उन्हें 23 सितंबर को एजेंसी को रिपोर्ट करने के लिए कहा। सीएम ने पहले धमकी दी थी कि अगर केंद्र ने उनके खिलाफ जारी समन वापस नहीं लिया तो वह केंद्र के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करेंगे।

एजेंसी को लिखे अपने पत्र में सोरेन ने कहा कि उन्होंने ईडी को सभी आवश्यक दस्तावेज और जानकारी उपलब्ध करा दी है। उन्होंने लिखा था कि अगर ईडी को किसी भी जानकारी की जरूरत है, तो वह उन दस्तावेजों का हवाला दे सकती है, जो उन्होंने पहले ही एजेंसी के साथ साझा किए हैं। हालांकि, सीएम सोरने ने आरोप लगाया कि ईडी ने अपने "राजनीतिक आकाओं" के इशारे पर उन्हें 14 अगस्त को बुलाया था।

टॅग्स :हेमंत सोरेनप्रवर्तन निदेशालयEDRanchi
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