पटनाः बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज विधानसभा में विश्वास मत हासिल कर लिया है। बिहार में नई सरकार के गठन के साथ ही शुक्रवार को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया था। सदन की कार्यवाही के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सदन में विश्वास प्रस्ताव पेश किया। सदन में चर्चा के बाद यह प्रस्ताव ध्वनिमत से पारित हो गया और एनडीए सरकार ने बिना वोट विभाजन के ही अपना बहुमत साबित कर दिया। हालांकि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में विपक्ष ने भले ही तीखे सवाल उठाए और सदन में हंगामा किया, लेकिन अंत में उन्होंने मत विभाजन की मांग नहीं की, जिससे सरकार को राजनीतिक तौर पर सीधी बढ़त मिल गई। इस तरह बिहार में सम्राट चौधरी की सरकार की स्थिरता पर औपचारिक मुहर लग गई।
बहस के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने तीखे राजनीतिक तेवर दिखाते हुए विपक्ष पर पलटवार किया। उन्होंने पुराने राजनीतिक घटनाक्रमों का जिक्र करते हुए कहा कि इतिहास में कई बार अलग-अलग दलों के सहयोग से सरकारें बनी हैं और आज की व्यवस्था उसी लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है।
उन्होंने अपने जवाब में यह भी कहा कि उनकी योग्यता और दस्तावेज पूरी तरह पारदर्शी हैं और विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों में कोई दम नहीं है। उम्र और डिग्री को लेकर उठे विवादों पर उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित हैं। सम्राट चौधरी ने कहा कि जो व्यक्ति अपने परिवार में अपनी बहन का सम्मान न करता हो, वो सम्मान की बात न करे।
व्यक्तिगत हमला करेंगे तो सुनना तो पड़ेगा ही। लालू प्रसाद जी यदि केवल अपने लिए नहीं जी रहे होते तो हम सब उन्हीं के साथ होते। आरएसएस की बात करते हैं और सबसे पहले वहीं आरएसएस के दरवाजे पर गए थे। तब 30 विधायक कम पड़ रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का पद किसी का बपौती नहीं होता है, तेजस्वी यादव बपौती से बाहर निकले, एक व्यक्ति या परिवार का सत्ता नहीं होता है।
बल्कि 14 करोड़ बिहारियों के आशीर्वाद है, इसीलिए आज मैं यहां बैठा हूं नीतीश कुमार जी का, नरेंद्र मोदी जी का, नितिन नबीन जी का, चिराग पासवान जी का, उपेंद्र कुशवाहा जी का, और मांझी जी का सबका आशीर्वाद है तब तो यहां बैठा हूं कोई गलतफहमी में ना रहें। सदन में सम्राट चौधरी ने भविष्य की योजनाओं का भी खाका पेश किया।
उन्होंने घोषणा की कि राज्य के हर प्रखंड में एक डिग्री कॉलेज खोला जाएगा ताकि शिक्षा का दायरा ग्रामीण स्तर तक मजबूत हो सके। साथ ही 11 नए टाउनशिप बनाने के फैसले को भी विकास की दिशा में बड़ा कदम बताया। सम्राट चौधरी ने यह भी कहा कि सरकार ऐसा सिस्टम विकसित करेगी, जिसमें थाना, ब्लॉक और अंचल स्तर की गतिविधियों पर सीधे सीएमओ की नजर रहेगी।
ताकि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके। इसके अलावा उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का आभार जताते हुए कहा कि उनके अनुभव और राजनीतिक भूमिका ने राज्य की स्थिरता में अहम योगदान दिया है। वहीं, विधानसभा पहुंचते के साथ ही उन्होंने विक्ट्री का साइन दिखाया था। साथ ही एनडीए के नेता पहले से ही आसानी से विश्वास मत हासिल कर लेने की संभावना जता रहे थे।
ऐसे में आज विशेष सत्र के दौरान उन्हें एनडीए के विधायकों का समर्थन मिला। विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने नई सरकार को बधाई दी। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सदन में कहा था कि भाजपा चुनाव के समय ही तय कर देती तो आज विश्वास मत की नौबत नहीं आती। चुनाव के समय 25 से 30 के नारा देकर मुख्यमंत्री को फिनिश कर दिया।
तेजस्वी यादव ने यह भी कहा था कि सम्राट चौधरी लालू जी की पाठशाला के है। तेजस्वी यादव ने एनडीए सरकार पर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि शायद इस दिन की जरूरत नहीं होती। पांच साल में यह पांचवी सरकार गठित हुई है। देश में कही भी ऐसा नहीं देखा गया है। यह आश्चर्य की बात है। ऐसी नौबत बार बार क्यों आती है?
तेजस्वी यादव ने कहा कि सम्राट चौधरी जी को दिल से धन्यवाद देते हैं। आपने अपना संकल्प पूरा किया। आप तो लालूजी की पाठशाला से हैं। ये मुख्यमंत्री बने हैं तो इससे अच्छी बात क्या हो सकती है? इलेक्टेड सीएम को सेलेक्टेड सीएम ने हटाया। आपने जो पगड़ी जहां भी रखी है, उसे संभालकर रखिएगा। विजय सिन्हा जी की उस पर नजर है।
भले ही भाजपा का पहला मुख्यमंत्री हो, लेकिन भाजपा और आरएसएस के लोग नहीं पचा पा रहे हैं। तेजस्वी यादव ने कहा कि इस सरकार में कौन टॉप 3 है। सम्राट चौधरी लालूजी की पाठशाला से हैं। विजय चौधरी जी कांग्रेस से आए और विजेंद्र यादव जी भी हमारे यहां से गए हैं। शपथ में दो चार शब्द गड़बड़ा गए। यह होता रहता है।
चर्चा यह है कि बिहार के मुख्यमंत्री का ओरिजिनल उम्र क्या है, उनकी असली डिग्री क्या है? बिहार की जनता यह जानना चाहती है। हम इनको धन्यवाद देते हैं। इनसे ज्यादा इनके पिताजी शकुनी चौधरी जी को धन्यवाद देते हैं। अब तो कम से कम परिवारवाद का आरोप हम पर नहीं लगेगा। यहां सभी परिवारवाद को फॉलो करते हैं। हमसे जो सहयोग होगा, हम करेंगे।
वहीं, उपमुख्यमंत्री एवं जदयू के वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी ने कहा कि सम्राट चौधरी जी के मुख्यमंत्री बनने का एक ऐतिहासिक महत्व है। आज एनडीए की दूसरी पीढ़ी बिहार की सत्ता में आई है और इसको भी जनता का विश्वास मिला है। यह कोई मामूली घटना नहीं है। एक गठबंधन को लगातार राज्य की जनता समर्थन देती आ रही हैं।
पीढ़ियां बदल रही हैं, लेकिन हमारे गठबंधन के प्रति विश्वास कम नहीं हो रहा है। विजय कुमार चौधरी ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को याद करते हुए भावुक टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि आज सदन में एक खालीपन महसूस हो रहा है। विजय चौधरी ने कहा कि, सदन में आज ऐसा लग रहा है जैसे एक दीपक, जिसकी रोशनी में हम देखने के आदी हो चुके थे, वह हमसे दूर हो गया है। उनके इस बयान को नीतीश कुमार की अनुपस्थिति से जोड़कर देखा जा रहा है।