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नये भारत के निर्माण में प्रवासी भारतीयों का बड़ा योगदान

By ललित गर्ग | Updated: January 9, 2025 06:40 IST

यह अब तक का सबसे ज्यादा है. भारत की विकास गाथा लिखने के साथ परोपकारी कार्य करने के लिए प्रवासी भारतीयों द्वारा भेजे गए धन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

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प्रवासी भारतीय दिवस भारत के विकास में प्रवासी भारतीय समुदाय के योगदान को चिह्नित करने के लिए हर साल 9 जनवरी को मनाया जाता है. 1915 में इसी दिन महात्मा गांधी सबसे बड़े प्रवासी के रूप में दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे थे और भारत के स्वतंत्रता संग्राम का नेतृत्व किया. यह दिवस भारत सरकार का एक प्रमुख, दूरगामी एवं उद्देश्यपूर्ण कार्यक्रम है, जो विदेशों में बसे भारतीयों को भारत के साथ जोड़ने और आपस में संवाद करने का एक मंच प्रदान करता है. इस वर्ष का 18वां प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन 8 से 10 जनवरी 2025 के बीच ओडिशा राज्य सरकार के सहयोग से भुवनेश्वर में आयोजित किया जा रहा है.

इस वर्ष के इस दिवस की थीम है “विकसित भारत में प्रवासी भारतीयों का योगदान”. यह थीम भारत को आत्मनिर्भर और विश्वस्तरीय विकसित राष्ट्र बनाने में प्रवासी भारतीयों के योगदान को रेखांकित करती है. क्योंकि प्रवासी भारतीय आज वैश्विक व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण और विशिष्ट शक्ति बन गया है, जो हर क्षेत्र में एक ऊर्जावान और आत्मविश्वासी समुदाय के रूप में विकसित होकर भारत का गौरव बढ़ा रहा है और विभिन्न देशों में उच्च पदों पर स्थापित होेकर विश्व मामलों में शानदार योगदान दे रहा है.

प्रवासी भारतीयों ने असाधारण समर्पण, प्रतिभा कौशल, लगन और कड़ी मेहनत का प्रदर्शन करते हुए कला, साहित्य, संस्कृति, राजनीति, खेल, व्यवसाय, शिक्षा, फिल्म, परोपकार, विज्ञान और प्रौद्योगिकी सहित जीवन के सभी क्षेत्रों में उत्कृष्ट बनने के लिए कई चुनौतियों को पार किया है.

दुनिया में सर्वाधिक प्रवासी भारतीय हैं. वर्तमान में खाड़ी देशों में लगभग 8.5 मिलियन भारतीय रहते हैं जो दुनिया में प्रवासियों की सबसे बड़ी आबादी है. अमेरिका में लगभग 4 मिलियन भारतीय हैं. यहां मैक्सिको के बाद भारतीयों की दूसरी सबसे अधिक आबादी है. इसके अतिरिक्त कनाडा, यूनाइटेड किंगडम, मलेशिया, मॉरीशस, श्रीलंका, सिंगापुर, नेपाल सहित अन्य देशों में प्रवासी भारतीयों की बड़ी आबादी रहती है. विदेशों में रहते हुए भी प्रवासी भारतीय अपने देश, अपनी माटी, अपनी संस्कृति एवं अपनी जड़ों से जुड़े हुए हैं.

आज की तारीख में भारतीय नई शक्ति के तौर पर अंतरराष्ट्रीय पटल पर अपना लोहा मनवा चुके हैं. विश्व बैंक की रिपोर्ट में बताया गया है कि पूरी दुनिया में सबसे अधिक पैसा भारतीयों ने अपने देश भेजा है. विश्व बैंक के आंकड़ों से पता चला है कि 2024 में भारत को प्रवासी भारतीयों से 129 बिलियन डॉलर का धन मिला है. यह अब तक का सबसे ज्यादा है. भारत की विकास गाथा लिखने के साथ परोपकारी कार्य करने के लिए प्रवासी भारतीयों द्वारा भेजे गए धन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

प्रवासी भारतीयों को अपनी सांस्कृतिक विरासत बनाए रखने से ही साझा पहचान मिली है. उनकी सफलता का श्रेय उनके सांस्कृतिक मूल्य, शैक्षणिक योग्यता एवं प्रतिभा को दिया जाना चाहिए.  

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