उन्होंने स्पष्ट कहा- ‘द्वेष से द्वेष कभी समाप्त नहीं होता, प्रेम से ही द्वेष समाप्त होता है.’ यह केवल एक नैतिक उपदेश नहीं, बल्कि सामाजिक और वैश्विक शांति का सूत्र है. ...
संकट के समय में पुस्तकें सच्चे मित्र की तरह साथ निभाती हैं, यह तथ्य वैश्विक महामारी के दौर में स्पष्ट रूप से देखने को मिला, जब लोगों ने अकेलेपन और अनिश्चितता के बीच पुस्तकों में ही आश्रय पाया. भारत में पुस्तक संस्कृति का इतिहास अत्यंत प्राचीन और गौरव ...
श्रीलंका, म्यांमार, थाईलैंड, मलेशिया, सिंगापुर, इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, फिजी, मॉरीशस, केन्या, तंजानिया, दक्षिण अफ्रीका, गुयाना, सूरीनाम, त्रिनिदाद और टोबैगो, नीदरलैंड, कनाडा, ब्रिटेन, संयुक्त अरब अमीरात और संयुक्त राज्य अमेरिका. ...
International Day for Eradication of Poverty: संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 1992 में गरीबी को खत्म करने के प्रयासों और संवाद को बढ़ावा देने के लिए इस दिन को मनाए जाने की घोषणा की थी. ...