शिवसेना एक राजनीति दल है। यह मुख्यत महाराष्ट्र की क्षेत्रीय पार्टी है। इसकी स्थापना 19 जून 1966 में प्रमुख राजनीतिक कार्टूनिस्ट बालासाहेब ठाकरे ने की थी। इस दल का प्रतीक चिह्न (लोगो) बाघ है। पूरे देश में शिव सेना को एक कट्टर हिन्दू राष्ट्रवादी दल के रूप में जाना जाता है। इस समय उद्धव ठाकरे प्रमुख हैं। इसका मुखपत्र सामना है। Read More
इससे पहले दोपहर में राउत ने संवाददाताओं से कहा, “सावरकर के विरोधियों को अंडमान सेलुलर जेल (भूतपूर्व) में दो दिन बिताने चाहिए ताकि वे समझ सकें कि अंग्रेजों ने उनके लिए किस तरह की कठिनाइयां पैदा की थीं।” ...
नासिक के जिला कलेक्टर ए.टी.एम जैक्सन की हत्या के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद सावरकर को 1911 में अंडमान जेल ले जाया गया था। इस बात को लेकर विवाद है कि क्या सावरकर ने सेलुलर जेल से अपनी शीघ्र रिहाई के लिये अंग्रेजों से माफी मांगी थी ? ...
यह वैकल्पिक है, इसे अनिवार्य नहीं बनाया जाएगा। लंदन और मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में नाइटलाइफ का उदाहरण देते हुए, ठाकरे ने कहा, मुंबई को भी लोगों को रात में वैसी सुविधा देने से पीछे नहीं हटना चाहिए। महानगर में सेवाएं 24x7 जारी रहनी चाहिए। ...
दरअसल, राकांपा प्रमुख शरद पवार ने इंदिरा गांधी पर दिए गए बयान के बाद कहा कि शिवसेना सांसद संजय राउत को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर बेवजह टिप्पणी नहीं करनी चाहिए थी। ...
प्रतिभाताई भोजने को अध्यक्ष चुना गया, जबकि सावित्रीबाई राठौड़ उपाध्यक्ष बनीं। पहली बार अकोला जिला परिषद में दोनों पद पर महिलाएं आसीन हुई हैं। शुक्रवार को हुए चुनाव में भोजने को 25 वोट और उनके कांग्रेसी प्रतिद्वंद्वी सुनील ढाबेकर को 21 वोट मिले। ...
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने यह टिप्पणी उस वक्त की है जब महाराष्ट्र में कुछ हफ्ते पहले शिवसेना के साथ मिलकर सरकार बनाने वाली कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के बयान और सेवा दल की एक पुस्तिका को ...
एक अप्रैल 2015 में भाजपा सरकार ने चंद्रपुर में शराब पर प्रतिबंध लगा दिया था। वर्धा और गढ़चिरौली में शराब की बिक्री और सेवन पर पहले ही प्रतिबंध लगा था। जिले के अभिभावक मंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के बाद बृहस्पतिवार को चंद्रपुर की अपने पहले दौरे ...
अखबार ने इस बात पर हैरानी जताई कि जो इंदिरा गांधी की स्मृतियों को ही स्थायी रूप से मिटा देना चाहते थे अब उन्हें उनकी छवि की चिंता सता रही है। यह संपादकीय सामना के कार्यकारी संपादक संजय राउत के विवादित बयान की पृष्ठभूमि में लिखा गया। ...