अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निरोधक) अधिनियम, 1989 के तहत आरोप लगने वाले व्यक्ति को तुरंत गिरफ्तार किया जाएगा। जुर्म साबित होने पर आरोपी को एससी-एसटी एक्ट के अलावा आईपीसी की धारा के तहत भी सजा मिलती है। आईपीसी की सजा के अलावा एससी-एसटी एक्ट में अलग से छह महीने से लेकर उम्रकैद तक की सजा के साथ जुर्माने की व्यवस्था भी है। अगर अपराध किसी सरकारी अधिकारी ने किया है, तो आईपीसी के अलावा उसे इस कानून के तहत 6 महीने से लेकर एक साल की सजा होती है। सुप्रीम कोर्ट ने 20 मार्च को एससी-एसटी एक्ट में बदलाव करते हुए तुरंत गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। लेकिन दलित संगठनों के विरोध-प्रदर्शन के बाद केंद्र सरकार ने अध्यादेश लाकर पुराने स्वरूप को फिर से बहाल कर दिया है। फिलहाल ये पूरा मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। Read More
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने समाज में यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) और एससी/एसटी एक्ट के बढ़ते दुरुपयोग पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस दिशा में बेहद गंभीरता से साथ विचार करने की आवश्यकता है। ...
11 फरवरी 2023 को बमीठा थाना अंतर्गत गढ़ा गांव में एक दलित परिवार के घर शादी समारोह था। शालिग्राम गर्ग पर आरोप है कि उन्होंने कल्लू अहिरवार की बेटी सीता के घर पहुंचकर बारात में हंगामा किया। बाद में इस घटना का वीडियो भी वायरल हुआ था। ...
मोर्चा के वरिष्ठ पदाधिकारी शरद चव्हाण ने कहा, “एसटी समुदाय के जो लोग धर्म परिवर्तन कर चुके हैं उन्हें आरक्षण या अन्य लाभ नहीं मिलने चाहिए क्योंकि वे जनजातीय लोगों के लिए हैं। ...
देवकीनन्दन ठाकुर और उनके भाई विजय शर्मा सहित आधा दर्जन लोगों के खिलाफ अनुसूचित जाति से संबंधित व्यक्ति के घर में घुसकर मारपीट करने, जातिसूचक संबोधन करने एवं वहां मौजूद महिला से छेड़छाड़ करने का आरोप लगा है। ...
बजट सत्र में अभी तक विपक्ष ने नागरिकता संशोधन विधेयक, अर्थव्यवस्था, बेरोजगारी, कश्मीर की स्थिति, महंगाई, किसानों की समस्याओं जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरा गया है। ...
जस्टिस अरूण मिश्र, जस्टिस विनीत शरण और जस्टिस रवीन्द्र भट्ट की बेंच मामले ने एससी-एसटी संशोधन कानून को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया है। ...
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने रविवार को कहा कि आरक्षण के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश के मद्देनजर केन्द्र सरकार या तो पुनर्विचार याचिका दायर करे, या फिर आरक्षण को मूल अधिकार बनाने के लिए संविधान में संशोधन करे। ...