समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव ने पार्टी की अनदेखी से नाराज होकर समाजवादी सेकुलर मोर्चे का गठन किया है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव की अध्यक्षता में समाजावादी पार्टी से उपेक्षित लोगों को इस मोर्चे से जोड़ा जाएगा। उन्होंने मुलायम सिंह यादव के भी इससे जुड़ने का दावा किया है। 2017 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान सपा के शीर्ष नेतृत्व में बिखराव देखने को मिला था। जब अखिलेश यादव ने अपने पिता मुलायम सिंह यादव को अध्यक्ष की कुर्सी से हटाकर खुद राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए थे। उन्होंने चाचा शिवपाल यादव की भी अनदेखी की थी। इसके बाद शिवपाल यादव ने नया मोर्चा बनाने का फैसला किया है। Read More
Uttar Pradesh cabinet decision: उत्तर प्रदेश के ललितपुर में एक हवाई अड्डा तैयार किया जा रहा है, जो पहले चरण में छोटे विमानों के लिए होगा और आने वाले समय में उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर का हवाई अड्डा बनाया जाएगा। ...
समाजवादी पार्टी (सपा) के संस्थापक सदस्यों में शामिल रहे तथा प्रगतिशील समाजवादी पार्टी—लोहिया (प्रसपा) के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने कहा है कि माफिया तत्वों को पार्टी में शामिल नहीं करना चाहिये। साथ ही दावा किया कि सपा में रहने के दौरान उन्होंने पार् ...
समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को प्रदेश के विभिन्न जिलों में डेंगू और अन्य तरह के बुखार से लोगों की मौतों पर चिंता जाहिर करते हुए राज्य की भाजपा सरकार पर केवल सत्ता बचाने में व्यस्त रहने का आरोप लगाया। अखिलेश ने यहां एक बयान में ...
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को आरोप लगाया कि उनसे पहले समाजवादी पार्टी की पूर्ववर्ती सरकार के समय राज्य में लगभग हर तीसरे दिन एक बड़ा दंगा होता था जिससे प्रदेश का विकास बाधित हुआ। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ यहां अनेक ...
भारतीय जनता पार्टी की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने समाजवादी पार्टी के संस्थापक नेता मुलायम सिंह यादव से सोमवार को मुलाकात की थी और उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की 'श्रद्धांजलि सभा' के लिए आमंत ...
2022 UP elections: पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद के कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने के बाद कांग्रेस के लिए इसे एक और झटका माना जा रहा है। ...
राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र ने रविवार को कहा कि ब्राह्मण कोई जाति नहीं, बल्कि एक ‘‘विराट संस्कृति’’ है तथा ब्राह्मणों के नाम पर स्वार्थपूर्ति के लिए प्रबुद्ध वर्ग और बुद्धिजीवी वर्ग सम्मेलन किए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश में अगले व ...