भारतीय संसद (राज्य सभा और लोक सभा) की हर साल होने वाली तीन बैठकों को संसद सत्र कहते हैं। इन सत्रों में सभी विधायी कार्य पूरे किये जाते हैं। भारतीय संविधान के अनुसार संसद के दो सत्रों के बीच छह महीने से ज्यादा अंतराल नहीं होना चाहिए। इस वजह से हर साल संसद के कम से कम दो सत्र जरूर आयोजित होते हैं।संसद का बज़ट सत्र फ़रवरी से मई के बीच आहुत होता है। संसद का मॉनसून सत्र जुलाई से सितम्बर के बीच आहुत होता है। संसद का शीतकालीन सत्र नवंबर से दिसंबर के बीच आयोजित होता है। बज़ट सत्र के दौरान भारत सरकार अपना सालाना या अंतरिम बज़ट पेश करती है। इस बज़ट में सरकार वार्षिक आय और व्यय का लेखा-जोखा पेश करती है। Read More
शून्यकाल में भाजपा के सत्यनारायण जटिया ने यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि यह पुरानी समस्या है जो दिन पर दिन गंभीर रूप लेती जा रही है। मध्यप्रदेश में बुंदेलखंड, राजस्थान के बाड़मेर और बीकानेर, महाराष्ट्र के विदर्भ में अत्यंत चिंताजनक स्थिति है जहां पेयजल स ...
शून्यकाल में आम आदमी पार्टी के संजय सिंह ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अपराध का मुद्दा उठाते हुए कहा कि अपराधों पर अंकुश नहीं लग पा रहा है और एक माह में दिल्ली में करीब 220 गोलियां चली हैं। बीते एक साल में बलात्कार के 243 मामले दर्ज किए गए। इसी तरह ...
तृणमूल प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पूर्व में भी ईवीएम के जरिये चुनाव कराये जाने का विरोध कर चुकी हैं और उन्होंने विपक्षी दलों से अनुरोध किया था कि वे चुनावी मतपत्रों से फिर से चुनाव करवाने की मांग पर एकजुट हों। ...
केंद्रीय पशुपालन राज्य मंत्री प्रताप चंद सारंगी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव रखते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस नीत संप्रग के समय नीतिगत पंगुता थी और घोटाले पर घोटाले हो रहे थे। तत्कालीन प्रधानमंत्री मूकदर्शक बने रहते थे। उन्ह ...
शून्यकाल में रेड्डी ने बढ़ती आबादी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में चीन को पीछे छोड़ कर भारत , दुनिया में सर्वाधिक आबादी वाला देश बन जाएगा। रेड्डी ने कहा कि अगर आबादी को नियंत्रित नहीं किया गया तो अर्थव्यवस्था, रोजगार और संसाधनों ...
मंत्री के जवाब पर असंतोष प्रकट करते हुए द्रमुक के सदस्यों ने कहा कि मंत्री प्रश्न का स्पष्ट जवाब नहीं दे रहे हैं। द्रमुक नेता टी आर बालू ने कहा कि क्या सरकार पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के उस आश्वासन की अनुपालना का भरोसा दिलाएगी कि हिंदी ...
लोकसभा में राहुल कास्वां के प्रश्न के उत्तर में निशंक ने कहा, ‘‘संस्कृत देववाणी है। ऐसी वैज्ञानिक भाषा की पूरे विश्व को जरूरत है। ऐसी सभी संस्थाओं को सुदृढ़ करने की केंद्र की मंशा है।’’ उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान में 228 सृजित पद हैं औ ...