राजनीतिक वर्ग को और खासकर जो सत्ता में बैठे हैं, कम से कम आरोप तर्कसम्मत लगाने चाहिए. किसी मुख्यमंत्नी को चुनाव मंच से या प्रेस कॉन्फ्रेंस में ‘आतंकवादी’ कहने के पहले सोचना होगा कि जनता यह भी पूछेगी कि अगर केंद्र की सरकार भीमा कोरेगांव की जांच राज्य ...
केन्द्र सरकार ने शुक्रवार को मद्रास उच्च न्यायालय को बताया कि तमिलनाडु के राज्यपाल के पास संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों के तहत राजीव गांधी हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा काट रहे पेरारिवलन की लंबित दया याचिका पर फैसला लेने का विवेकाधिकार है। ...
प्रियंका गांधी ने उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती को जनसुरक्षा कानून के तहत मामला दर्ज किए जाने को लेकर कड़ी टिप्पणी की और पूछा कि आखिर किस आधार पर यह सरकार इन नेताओं के खिलाफ कार्यवाही कर रही है. ...
कोई नेता औपचारिक तौर पर टिप्पणी करने को तैयार नहीं है लेकिन अनौपचारिक बातचीत में वे मानते है कि राहुल ने जिस भाषा का प्रयोग किया वह कांग्रेस की भाषा नहीं है. बावजूद इसके राहुल सहित कांग्रेस के तमाम बड़े नेता प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ अपने हमले को तेज ...
दिल्ली उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में कहा था कि चारों दोषियों को एक साथ फांसी पर लटकाया जाए, न कि अलग-अलग। शीर्ष अदालत में कार्यवाही के चंद घंटे बाद मामला पटियाला हाउस जिला अदालत पहुंचा जिसने दोषियों के खिलाफ नया मृत्यु वारंट जारी करने का दिल्ली सरका ...
भाजपा की सरकार अपने मन ही मन खुश हो सकती है कि उसने देश के हिंदुओं की मुराद पूरी कर दी लेकिन मैं पूछता हूं कि किसी भी लोकतांत्रिक सरकार का कर्तव्य क्या है? उसका काम वही है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते-कहते नहीं थकते यानी सबका साथ, सबका विश्वास! ...
केंद्र सरकार, असम सरकार और विभिन्न बोडो उग्रवादी गुटों के बीच दिल्ली में 27 जनवरी को हुए हस्ताक्षर कई बिंदुओं से महत्वपूर्ण हैं. उनमें सबसे ज्यादा मार्के की बात है सिर्फ हिंसा पर भरोसा करनेवाले विभिन्न बोडो गुटों से शांति व अहिंसा के पुजारी महात्मा ग ...
जन सुरक्षा कानून (पीएसए) के तहत दो प्रावधान हैं- लोक व्यवस्था और राज्य की सुरक्षा को खतरा। पहले प्रावधान के तहत किसी व्यक्ति को बिना मुकदमे के छह महीने तक और दूसरे प्रावधान के तहत किसी व्यक्ति को बिना मुकदमे के दो साल तक हिरासत में रखा जा सकता है। ...