आजकल सिर्फ बुजुर्ग ही नहीं बल्कि बच्चे और युवा भी हड्डियों से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। हड्डियों के कमजोर होने का सबसे बड़ा कारण खराब डाइट है। ...
एग्जाम के लिए घंटों तक पढ़ाई करना, भरपूर नींद और डाइट ना लेना, आदि बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को रोकता है। ऐसे में पेरेंट्स की यह जिम्मेदारी बनती है कि बच्चों के साथ वे भी मेहनत करें। उनकी डायट के ओर ध्यान देकर वे बच्चों की मदद कर सकते हैं। ...
लीवर में टॉक्सिन हो जाना एक ऐसी समस्या है जिसकी वजह से ब्लड में गंदगी आ जाती है। यह ब्लड जब पूरे शरीर में फैलता है तो अलग अलग हिस्सों पर स्किन इन्फेक्शन दे जाता है। फोड़े-फुंसी, पिम्पल, लाल-सफेद दाग और चक्ते होना, त्वचा कहीं कहीं से नीली पड़ना, आदि स्क ...
यहां हम आपको 5 ऐसे खाद्य पदार्थों के बारे में बताने जा रहे हैं जिनमें निगेटिव कैलोरी होती है। इनके सेवन से वजन नहीं बढ़ता, बल्कि कम होने में मदद मिलती है। इसलिए इन्हें जितना अमरजी खाएं, आपका वजन नहीं बढ़ेगा। ...
डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है, जिसमें रक्त में शर्करा ब्लड शुगर (Blood Sugar) बहुत अधिक होता है। टाइप 2 डायबिटीज, ऐसा इसलिए होता है क्योंकि किसी व्यक्ति का शरीर या तो पर्याप्त इंसुलिन का उत्पादन नहीं करता है, या उत्पादित इंसुलिन कोशिकाओं द्वारा खारिज कर ...
इसमें पाए जाने वाले एमिनो एसिड व पॉलिफेनॉल्स जैसे तत्व शरीर को कैंसर के खतरे से बचाने में मदद करते हैं। इससे बॉडी में इंसुलिन के लेवल को बढ़ाने में मदद मिलती है। नियमित रूप से मूंग दाल के सेवन से ब्लड ग्लूकोज व कोलेस्ट्रॉल लेवल भी कंट्रोल रहता है। ...
सभी जिम ट्रेनर वर्कआउट के ठीक 30 मिनट के बाद हैवी डायट लेने की सलाह देते हैं। ताकि वर्कआउट में भारी एनर्जी खोने के बाद पौष्टिक आहार से उसकी पूर्ती हो सके और साथ ही बॉडी बनने में भी मदद मिले। अगर ये चीजें ना खाई जाएं तो वर्कआउट का उलटा असर होने लगता ह ...