भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) एक स्वायत्त एवं अर्ध-न्यायिक संस्थान है। जिसका गठन भारत में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष रूप से विभिन्न से भारत के प्रातिनिधिक संस्थानों में प्रतिनिधि चुनने के लिए गया है। भारतीय चुनाव आयोग की स्थापना 25 जनवरी 1950 में की गई थी। इसके तल्कालीन मुख्य निर्वाचन आयुक्त ओम प्रकाश रावत हैं। आयोग में वर्तमान में एक मुख्य चुनाव आयुक्त और दो चुनाव आयुक्त होते हैं। Read More
भाजपा द्वारा निर्वाचन आयोग को 31 अक्टूबर को दी गई जानकारी के अनुसार पार्टी को वित्त वर्ष 2018-19 के दौरान चेक और ऑनलाइन भुगतान के दौरान कुल 800 करोड़ रुपये से अधिक का चंदा मिला। इसमें से लगभग आधा चंदा-356 करोड़ रुपये-टाटा समूह के योगदान वाले ‘प्रोग्र ...
पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त शेषन के कार्यकाल के दौरान ही आचार संहिता के उल्लंघन को गैरकानूनी बनाया गया और अब नेताओं का लोगों के साथ मतदान केंद्र पर जाना असंभव हो गया। ...
प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया, ‘‘चुनावी सुधार की दिशा में उनके प्रयासों ने हमारे लोकतंत्र को और मजबूत तथा भागीदारीपूर्ण बनाया। उनके निधन से दुख हुआ। ओम शांति।’’ ...
उनसे पहले तक भारतीय निर्वाचन आयोग को भारत सरकार के इशारे पर चलने वाले आयोग के तौर पर जाना जाता था लेकिन शेषन ने अपने कार्यकाल के दौरान एक अलग ही तस्वीर गढ़ी। ...
भारत के 10 वें मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में टीएन शेषन का नाम पारदर्शिता और दक्षता के पर्याय के रूप में जाना गया जब वह जीवित याददाश्त में सबसे स्वच्छ चुनाव आयोजित करके देश की चुनावी प्रणाली पर अपने अधिकार की मुहर लगाने में कामयाब रहे। ...
महाराष्ट्र में पिछले चुनाव में भाजपा और शिवसेना ने चुनाव पूर्व कोई गठबंधन नहीं किया था. इसके बाद भी दोनों पार्टियों ने मिलकर सरकार चलाई. चुनाव में दोनों को वैचारिक समानता का आधार नहीं दिखाई दिया, लेकिन सरकार बनाने के लिए ये दल समान विचारधारा का कारण ...