देवेंद्र फड़नवीस भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) के नेता हैं। वर्तमान( 2018) में वह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री हैं। वह महाराष्ट्र विधानसभा में नागपुर दक्षिण पश्चिम से विधायक हैं। इसके साथ ही वह बीजेपी के महाराष्ट्र के अध्यक्ष भी हैं। इनका जन्म 22 जुलाई 1970 को नागपुर महाराष्ट्र में हुआ था। देवेंद्र फड़नवीस के पिता गंगाधर राव भी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और जनसंघ से जुड़े थे। Read More
सूत्रों के मुताबिक, भाजपा ने जब यह देख लिया कि शिवसेना अब उसके साथ नहीं रहेगी, तो उसने तत्काल एक दीर्घकालिक योजना बनाई. इसके तहत उसने राज्य में अकेली हिंदूवादी या राष्ट्रीयता की प्रतीक वाली पार्टी बनकर सामने आने का लक्ष्य बनाया. ...
सुबह सबसे पहले उन्होंने उद्धव ठाकरे को फोन किया और धीरज बंधाया, ''घबराएं नहीं, मैं आपके साथ हूं. आप अपने विधायकों को संभालें.'' उसके बाद उन्होंने कुछ वरिष्ठ कानूनविदों से सलाह की. ...
शिवसेना अपने साथ नहीं आएगी यह ध्यान में आने के बाद भाजप ने प्लान बी और प्लान सी तैयार किया. आज जो जनता को दिखाई दिया वह प्लान बी नही प्लान सी था. प्लान बी से पहले ही प्लान सी की तैयारी कर ली गई थी. मोदी-शाह और फडणवीस द्वारा महाराष्ट्र की जमीन पर उतार ...
महाराष्ट्र में एक बार फिर देवेंद्र फड़नवीस ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है। एनसीपी नेता अजित पवार ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। महाराष्ट्र में नई सरकार का गठन शनिवार (23 नवंबर) को सुबह हुआ। देवेंद्र फड़नवीस दूसरी बार मुख्यमंत्री बने हैं। उन्होंने ...
राजेंद्र सिंगणे (बुलढाणा), संदीप क्षीरसागर (बीड), सुनील शेल्के (मवाल), सील भुसारा (विक्रमगाड), नरहरि जिरवाल (डिंडोरी) और सुनील टिंगरे (वडगांव शेरी) - ने सुबह शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेने के बाद वापस पार्टी में लौट आये। ...
महाराष्ट्र में शनिवार सुबह भाजपा नेता देवेंद्र फड़नवीस और राकांपा नेता अजित पवार के क्रमश: मुख्यमंत्री एवं उप मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद दल-बदल विरोधी कानून का मुद्दा सामने आया है। ...
राज्य में राकांपा नेता अजित पवार के समर्थन से भाजपा के देवेंद्र फड़नवीस ने दूसरी बार मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। मुनगंटीवार ने कहा, “अजित पवार राकांपा के विधायक दल के नेता हैं और इसका अर्थ है कि सभी ने भाजपा को समर्थन दिया है।” ...
पिछले कुछ सालों में भारतीय राजनीतिक दलों के बीच ऐसे गठबंधन हुए हैं जिन्हें लगभग असंभव माना जाता था। कश्मीर में बीजेपी ने पीडीपी से, यूपी में सपा ने बसपा से और बिहार ने जदयू ने राजद से जब हाथ मिलाया था तो लोग हैरान तो हुए लेकिन अपने-अपने दलों से वफादा ...