अयोध्या उत्तर प्रदेश का एक शहर है। इस शहर को भगवान राम की जन्मस्थली माना जाता है। उनके जन्म की जगह को लेकर काफी वक्त से विवाद चल रहा था। राम का जन्मस्थान होने की वजह से अयोध्या को हिंदुओं के साथ सबसे महत्वपूर्ण तीर्थ स्थलों में माना जाता है। Read More
विवादित ढांचे को छह दिसंबर 1992 को ढहा दिया गया था। घटना के एक दिन पहले मुख्यमंत्री के नाते सिंह ने वादा किया था कि विवादित स्थल पर यथास्थिति बनाए रखी जाएगी। ...
अयोध्या में राम जन्म भूमि-बाबरी मस्जिद विवाद से संबंधित 2.77 एकड़ भूमि के मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट के 30 सितंबर 2010 के 2:1 के बहुमत के फैसले के खिलाफ शीर्ष अदालत में 14 अपीलें दायर की गयी हैं। यहां पढ़ें सभी दलीलों की लाइव अपडेट्स... ...
संघ की तरफ से की जा रही यह मांग उसकी अपनी सरकार से थी, न कि किसी गैर-भाजपा सरकार से। जब नरेंद्र मोदी ने कानूनी प्रक्रिया पूरी किए बगैर अध्यादेश लाने से इनकार किया तो स्पष्ट हो गया कि संघ परिवार अपनी ही सरकार से यह मांग मनवाने में नाकाम रहा है। ...
प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली इस पांच सदस्यीय संविधान पीठ के अन्य सदस्यों में न्यायमूर्ति एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति एन वी रमण, न्यायमूर्ति उदय यू ललित और न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चन्द्रचूड़ शामिल हैं। ...
उच्च न्यायालय ने इस विवाद में दायर चार दीवानी वाद पर अपने फैसले में 2.77 एकड़ भूमि का सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और राम लला के बीच समान रूप से बंटवारा करने का आदेश दिया था। ...
सुप्रीम कोर्ट द्वारा अयोध्या मामले पर सुनवाई की तारीख तय करने के लिये आगामी 10 जनवरी को उपयुक्त पीठ द्वारा आदेश पारित किये जाने के निर्णय के बीच स्मृति ईरानी ने कांग्रेस पर राम मंदिर मामले बाधा डालने का आरोप लगाया। ...
राम जन्मभूमि और बाबरी मस्जिद मामले पर आज( 4 जनवरी 2019) सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होने वाली है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट में उस पीआईएल पर भी सुनवाई करेगा, जिसमें मामले में देरी पर सवाल उठाया गया है। ...