आर्टिकल 370 के प्रावधान के तहत जम्मू कश्मीर को विशेषाधिकार दिए जाते हैं। इसके अनुसार भारतीय संसद द्वारा पारित कोई भी प्रस्ताव, नियम या नीति में बदलाव जम्मू कश्मीर पर लागू नहीं होता। जम्मू कश्मीर राज्य का अपना संविधान और झंडा है। देश में घोषित आपातकाल या आर्थिक आपातकाल कश्मीर में लागू नहीं होता। भारत की संसद जम्मू कश्मीर की विधानसभा भंग नहीं कर सकती। अनुसूचित जाति और अनिसूचित जनजाति सम्बंधी नियम जम्मू कश्मीर में लागू नहीं होते। Read More
पाक विदेश मंत्रालय के प्रेस विज्ञप्ति में मोदी सरकार के जम्मू-कश्मीर संबंधित कदमों की आलोचना की गई है। इसमें कहा गया है कि जम्मू-कश्मीर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवादित क्षेत्र के रूप में मान्यता दी गई है। ...
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत और सरकार्यवाह सुरेश जोशी ने आरएसएस के ट्विटर हैंडल पर पोस्ट किये गए एक संयुक्त बयान में कहा कि सभी को अपने हितों और राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठना चाहिए और निर्णय का स्वागत और समर्थन करना चाहिए। ...
सरकार द्वारा अनुच्छेद 370 हटाने पर समर्थन में BJD, BSP, AIADMK, TRS, TDP, AAP, and YSRCP है। वहीं, विरोध में कांग्रेस JD(U), CPI, TMC, DMK, RJD, और MDMK विरोध में हैं। ...
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में कहा कि लद्दाख का क्षेत्रफल ज्यादा है लेकिन वहां जनसंख्या कम है। वहां मांग उठाई जाती रही है कि केंद्र शासित प्रदेश बना दिया जाए। लद्दाख को बिना विधायिका के केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया है। ...
भारत सरकार के इस बड़े फ़ैसले पर दुनिया भर से प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। पड़ोसी देश पाकिस्तान की मीडिया और आम लोगों में भी अनुच्छेद-370 ख़त्म किए जाने को लेकर खासी हलचल है। पाकिस्तान के अख़बार एक्सप्रेस ने लिखा है कि भारत प्रशासित कश्मीर का विशेष दर्जा ...
राज्यसभा में आर्टिकल 370 और राज्य पुनर्गठन विधेयक 2019 पर बोलते हुए कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि मोदी सरकार ने बहुत बड़ा विस्फोट किया है। ...