आर्टिकल 370 के प्रावधान के तहत जम्मू कश्मीर को विशेषाधिकार दिए जाते हैं। इसके अनुसार भारतीय संसद द्वारा पारित कोई भी प्रस्ताव, नियम या नीति में बदलाव जम्मू कश्मीर पर लागू नहीं होता। जम्मू कश्मीर राज्य का अपना संविधान और झंडा है। देश में घोषित आपातकाल या आर्थिक आपातकाल कश्मीर में लागू नहीं होता। भारत की संसद जम्मू कश्मीर की विधानसभा भंग नहीं कर सकती। अनुसूचित जाति और अनिसूचित जनजाति सम्बंधी नियम जम्मू कश्मीर में लागू नहीं होते। Read More
संयुक्त राष्ट्र दोनों देशों से अधिकतम संयम बरतने की अपील करता है, ताकि हालात और अधिक नहीं बिगड़े।’’ यूएनएमओजीआईपी ने नियंत्रण रेखा और दोनों देशों के बीच स्थित ‘वर्किंग बाउंड्री’ पर संघर्ष विराम का उल्लंघन होता पाया है। साथ ही, उसने यह संघर्ष विराम उल ...
कश्मीर में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और सैनिकों की तैनाती बढ़ा दी गई है जिसके बीच ये गिरफ्तारियां हुई हैं। इससे पहले महबूबा और उमर अब्दुल्ला को नजरबंद किया गया था। ...
पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने भी भारत के इस कदम की निंदा की और उसे खारिज करते हुए कहा कि पाकिस्तान की यात्रा पर आने वाले अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के साथ होने वाली बैठकों में इस मुद्दे को उठाया जाएगा। साथ ही, इसे अंतरराष्ट्रीय समुदाय के समक्ष भी उठाया ज ...
कंगना रनौत, जायरा वसीम, अशोक पंडित, अनुपम खेर, मधुर भंडारकर, परेश रावल, सोफी चौधरी, पूजा बेदी, कुनाल कोहली और चेतन भगत ने जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर अपना रिएक्शन दिया है। ...
अनुच्छेद 370 के कारण केंद्र जम्मू कश्मीर में धारा 356 लागू नहीं कर सकता था जिसके तहत राज्य सरकारों को भंग करने का अधिकार केंद्र के पास है. यहां तक की कि राष्ट्रपति के पास भी जम्मू कश्मीर के संविधान को समाप्त करने का अधिकार तक प्राप्त नहीं था. ...
जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा प्रदान करने संबंधी अनुच्छेद 370 को समाप्त करने और राज्य का विभाजन करने के सरकार के निर्णय पर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्रियों उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती ने सोमवार को तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की और कहा कि ‘‘विनाशका ...
कुछ लोगों ने ‘भारत एक है’ का हैशटैग चलाया जबकि अन्य ने ‘स्टैंड विद कश्मीर’ का हैशटैग चलाया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सोमवार को राज्यसभा में अनुच्छेद 370 को रद्द करने संबंधी संकल्प पेश करने के बाद ट्विटर पर मिलीजुली प्रतिक्रिया हुई। ...