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साइना की राह मुश्किल , कैरियर को विस्तार देने के लिये चुनने होंगे टूर्नामेंट : विमल

By भाषा | Updated: June 4, 2021 17:25 IST

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नयी दिल्ली, चार जून भारत के पूर्व बैडमिंटन कोच विमल कुमार का मानना है कि कोरोना महामारी के कारण तोक्यो ओलंपिक खेलने का सपना टूटने के बाद साइना नेहवाल का आगे का सफर कठिन है और उसे अपने कैरियर को विस्तार देने के लिये टूर्नामेंट चुनकर ही खेलना होगा ।

चोट और खराब फॉर्म से जूझती आई 31 वर्ष की साइना चौथा ओलंपिक नहीं खेल सकेंगी क्योंकि बीडब्ल्यूएफ ने कोरोना महामारी के कारण आखिरी तीन क्वालीफायर रद्द कर दिये ।

विमल ने पीटीआई से कहा ,‘‘ वह 2005 . 06 में सुर्खियों में आई थी और प्रकाश पादुकोण के कारण खेल में अगली पीढी को प्रेरित करने वाली बन गई । वह लगातार अच्छा खेली और कई साल तक खेली । यह दुखद है कि वह इस बार ओलंपिक के लिये क्वालीफाई नहीं कर सकी । आखिरी दो मैचों में वह बदकिस्मत रही ।’’

साइना को दुनिया की नंबर एक रैंकिंग तक पहुंचाने वाले विमल का मानना है कि लंदन ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता कुछ साल और भारतीय बैडमिंटन को दे सकती है बशर्ते वह सही योजना बनाकर खेले और अपने शरीर का ध्यान रखे ।

उन्होंने कहा ,‘‘ वह कुछ साल और खेल सकती है लेकिन यह कठिन होगा । उसे सही रणनीति बनाकर चुनिंदा टूर्नामेंट ही खेलने होंगे । उसके पास इतना अनुभव है कि वह सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को हरा सकती है लेकिन उसे रैंकिंग पर ध्यान नहीं देना चाहिये क्योंकि सर्किट पर खेलते हुए चोटमुक्त रहना कठिन होगा ।’’

साइना अपने कैरियर में 24 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय खिताब जीत चुकी है जिनमें 11 सुपरसीरिज खिताब है । इसके अलावा विश्व चैम्पियनशिप में रजत और कांस्य और लंदन ओलंपिक 2012 में कांस्य पदक जीता है।

बीजिंग ओलंपिक 2008 में क्वार्टर फाइनल तक पहुंची साइना रियो ओलंपिक 2016 में दूसरे दौर से बाहर हो गई थी । घुटने की चोट से उबरकर वापसी करते हुए उसने 2018 राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीता लेकिन पिछले दो साल में तोक्यो ओलंपिक के लिये क्वालीफाई करने से चूक गई।

क्या वह अगला ओलंपिक खेल सकेगी, यह पूछने पर विमल ने कहा , ‘‘यह बहुत कठिन है । वह लगातार चोटिल हो रही है ।वैसे भी मेरा मानना है कि ओलंपिक अब उसकी प्राथमिकता नहीं होना चाहिये । ’’

उन्होंने कहा,‘‘ वह अभी भी युवा खिलाड़ियों से बेहतर है लेकिन अब फोकस युवाओं पर होना चाहिये । उसे अपने दम पर सर्किट पर खेलना चाहिये अगर उसके भीतर खेलने की ललक बाकी है । उसका कोच अब पारूपल्ली कश्यप है और अगर वह कुछ साल और खेल सकी तो भारतीय खिलाउ़ियों के लिये यह अच्छा होगा।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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