लाइव न्यूज़ :

तेजस्वी यादव की बैठक, हार की समीक्षा दिखावा न करें, आत्ममंथन जरूरी?, बहन रोहिणी आचार्य का भाई पर तंज

By एस पी सिन्हा | Updated: January 16, 2026 17:31 IST

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने शुक्रवार को अपने भाई और बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव पर शुक्रवार को तंज कसा कि विधानसभा चुनाव में मिली हार की समीक्षा केवल औपचारिकता नहीं है, यह बल्कि आत्ममंथन और जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया होनी चाहिए।

Open in App
ठळक मुद्देसमीक्षा तभी सार्थक होगी जब “अपने इर्द-गिर्द कब्जा जमाए बैठे चिन्हित गिद्धों को ठिकाने लगाने का साहस” दिखाया जाए।एक माह के विदेश दौरे से लौटने के बाद हुई, जिसमें हार के कारणों और आगामी रणनीति पर चर्चा की गई। तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को पार्टी के सांसदों और कोर कमेटी के सदस्यों के साथ समीक्षा बैठक की।

पटनाः बिहार विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद पहली बार राजद की समीक्षा बैठक शुक्रवार को हुई। बैठक की अध्यक्षता नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अपने आवास पर की, जिसमें सांसद और कोर कमेटी के सदस्य शामिल हुए। बैठक में संगठनात्मक मुद्दों और आगामी बजट सत्र की रणनीति पर मंथन किया गया। वहीं, इस बैठक पर तेजस्वी यादव की बडी बहन रोहिणी आचार्या ने तीखा हमला बोला। रोहिणी आचार्या ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा कर समीक्षा बैठक को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं और तेजस्वी को आत्ममंथन करने की सलाह दी।

रोहिणी आचार्या ने अपने पोस्ट में लिखा कि “समीक्षा का दिखावा करने से ज्यादा जरूरी ‘खुद’ आत्म-मंथन ‘ करने और जिम्मेदारी लेने की है, ‘अपने’ इर्द-गिर्द कब्ज़ा जमाए बैठे चिन्हित ‘गिद्धों’ को ठिकाने लगाने का साहस दिखाने के बाद ही किसी भी प्रकार की समीक्षा की सार्थकता साबित होगी… बाकी तो ये जो पब्लिक है न , वो सब जानती-समझती ही है।

इसतरह रोहिणी आचार्या ने अपने पोस्ट में साफ तौर पर इशारा किया कि पार्टी के अंदर कुछ लोगों ऐसे हैं जो गिद्धों की तरह हैं। उनको ठिकाने लगाने की जरूरत है। अपने पोस्ट के अंत में उन्होंने लिखा कि “बाकी तो ये जो पब्लिक है न, वो सब जानती-समझती ही है।” रोहिणी आचार्या का यह बयान ऐसे समय आया है,

जब राजद की अंदरूनी कलह और नेतृत्व को लेकर असंतोष को उजागर करती नजर आ रही है। बता दें कि रोहिणी आचार्या ने इससे पहले भी तेजस्वी यादव और उनके आस-पास के लोगों को लेकर सवाल उठाया है। खासतौर पर रोहिणी आचार्या ने तेजस्वी यादव के करीबी संजय यादव और रमीज की भूमिका को लेकर सवाल उठाए और उन पर गंभीर आरोप लगाए थे।

अब एक बार रोहिणी ने सोशल मीडिया पोस्ट शेयर कर इशारों ही इशारों में तेजस्वी यादव के कुछ करीबियों की तुलना गिद्धों से कर दी है। उधर, दोपहर दो बजे शुरू हुई इस बैठक में पार्टी के संगठनात्मक ढांचे और भविष्य की राजनीति तक पर व्यापक चर्चा की गई। राजद संसदीय दल की बैठक करीब तीन घंटे तक चली।

बैठक के बाद सांसद सुधाकर सिंह ने बताया कि आगामी बिहार विधानसभा के बजट सत्र और संसद में पार्टी की रणनीति को लेकर विस्तृत चर्चा हुई है। राजद लोकसभा में बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग को फिर से प्रमुखता से उठाएगी। विधानसभा के बजट सत्र को लेकर भी पार्टी ने अपनी योजना तैयार कर ली है। सबसे महत्वपूर्ण फैसला यह लिया गया है कि बजट सत्र के समापन के बाद तेजस्वी यादव बिहार में एक बड़ी यात्रा पर निकलेंगे। इसके साथ ही, हालिया बिहार विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के कारणों पर भी मंथन किया गया।

हार की एक विस्तृत रिपोर्ट तेजस्वी यादव को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर संगठन में बदलाव और भविष्य की रणनीति तय होगी। पार्टी अब पूरी तरह से जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनौतियों के लिए कार्यकर्ताओं को तैयार करने में जुट गई है।

वहीं, राजद की हुई इस बैठक पर भाजपा प्रवक्ता अजय आलोक ने कहा कि भाजपा नेताओं ने कहा कि सिर्फ बैठक बुला लेने से राजनीति नहीं चलती, उसके लिए सोच, समझ और नेतृत्व क्षमता भी चाहिए। भाजपा का कहना है कि तेजस्वी यादव को पहले अपने घर और पार्टी के अंदर की स्थिति संभालनी चाहिए।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “बैठक करके क्या कर लेंगे, पहले घर में बैठक कर लें। रणनीति बनाने के लिए बुद्धि भी होनी चाहिए. 9वीं फेल क्या कर लेगा? उनका कहना है कि राजद के भीतर खुद नेतृत्व को लेकर असमंजस की स्थिति है और पार्टी हार से उबर नहीं पाई है।

उधर, सियासत के जानकारों का मानना है कि तेजस्वी यादव इस बैठक के जरिए विपक्ष को एकजुट और धारदार बनाने का संदेश देना चाहते हैं। बजट सत्र में सरकार को घेरने से लेकर सड़क पर आंदोलन तक, राजद की भूमिका ज्यादा आक्रामक और संगठित हो सकती है। यह बैठक न सिर्फ सदन की रणनीति तय करेगी, बल्कि बिहार की आने वाली राजनीति की दिशा भी संकेतों में तय कर देगी।

टॅग्स :बिहारलालू प्रसाद यादवतेजस्वी यादवमीसा भारतीपटनाआरजेडी
Open in App

संबंधित खबरें

क्राइम अलर्टसासाराम-पटना यात्री ट्रेन में भीषण आग, यात्रियों में दहशत, देखिए वीडियो

भारतNEET exam cancelled 2026: नीट परीक्षा में अत्यंत शर्मनाक बर्ताव!

भारतबिहार के सारण जिले में शादी के मंडप में बैठी दुल्हन की उसके जीजा ने भर दी मांग, देखता रह गया दूल्हा

क्राइम अलर्टबिहार के गोपालगंज जिले में शादीशुदा प्रेमिका के बुलावे पर पहुंचा युवक, पहले से रची गई साज़िश के तहत युवक को पीट पीटकर मार डाला गया

कारोबारगौतम अदानी ने बिहार में 60 हजार करोड़ के निवेश का किया ऐलान, कहा- स्कूल और कॉलेज स्तर के प्रोजेक्ट भी होंगे शामिल

भारत अधिक खबरें

भारतकौन हैं वडास्सेरी दामोदर मेनन सतीशन?, परावुर सीट से 2006, 2011, 2016, 2021 और 2026 में जीत हासिल की?

भारतयूपी पंचायत चुनाव का इंतजार कर रहे करोड़ों को तोहफा, 12 प्रस्ताव को मंजूरी

भारतजमानत नियम और जेल अपवाद, यूएपीए मामले में भी यही नियम?, सुप्रीम कोर्ट ने हंदवाड़ा निवासी सैयद इफ्तिखार अंद्राबी को दी राहत, पासपोर्ट जमा करने और हर 15 दिन में एक बार थाने जाओ?

भारतदिल्ली बार काउंसिल चुनावः मतगणना पर रोक, प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा- न्यायालय फैसला नहीं सुनाता, तब तक मतपत्रों की गिनती स्थगित

भारतमहाराष्ट्र विधान परिषद की 16 सीट पर चुनाव, 18 जून को पड़ेंगे वोट, निर्वाचन आयोग की घोषणा, जानें मतगणना कब?