लाइव न्यूज़ :

सोनम वांगचुक को मिली राहत, महीनों की हिरासत के बाद जेल से आएंगे बाहर; जानें पूरा मामला

By अंजली चौहान | Updated: March 14, 2026 12:30 IST

Sonam Wangchuk News: जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत की गई हिरासत को केंद्र सरकार ने तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है।

Open in App

Sonam Wangchuk News:  क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की हिरासत खत्म करने का फैसला लिया गया है।  गृह मंत्रालय ने शनिवार को इस बारे में जानकारी दी। मालूम हो कि सरकार ने पिछले सितंबर में लेह में हुई हिंसा के सिलसिले में वांगचुक को हिरासत में लिया था और बाद में उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लगाया गया था और राजस्थान की जोधपुर जेल भेजा गया था। महीनों की हिरासत के  बाद सोनम को ये राहत मिली है।

सरकार ने कहा कि हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद 'सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने' के लिए वांगचुक को हिरासत में लिया गया था। सरकार ने अपने बयान में कहा, "सरकार लद्दाख में शांति, स्थिरता और आपसी विश्वास का माहौल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि सभी संबंधित पक्षों के साथ रचनात्मक और सार्थक बातचीत हो सके। इस उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए, और उचित विचार-विमर्श के बाद, सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए सोनम वांगचुक की हिरासत को तत्काल प्रभाव से खत्म करने का फैसला किया है।"

सरकार ने आगे कहा कि वह लद्दाख में संबंधित पक्षों और समुदाय के नेताओं के साथ बातचीत कर रही है, ताकि 'इस क्षेत्र के लोगों की आकांक्षाओं और चिंताओं' को दूर किया जा सके। उसने कहा, "हालांकि, बंद और विरोध प्रदर्शनों का मौजूदा माहौल समाज के शांतिप्रिय स्वभाव के लिए नुकसानदायक रहा है, और इसने समुदाय के विभिन्न वर्गों को बुरी तरह प्रभावित किया है ।

केंद्र सरकार ने पहले कहा था कि वांगचुक ने 'जेन Z' को नेपाल और बांग्लादेश जैसे विरोध प्रदर्शनों के लिए उकसाने की कोशिश की थी। उनकी पत्नी गीतांजलि जे. आंगमो ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर NSA के तहत वांगचुक की हिरासत को चुनौती दी थी; उन्होंने वांगचुक की हिरासत को गैर-कानूनी और मनमाना कदम बताते हुए कहा था कि यह उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। 

उन्होंने यह भी कहा कि वांगचुक ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर हिंसा की निंदा की थी, और साफ तौर पर कहा था कि हिंसा से लद्दाख की "तपस्या" और पिछले पाँच सालों से चल रही शांतिपूर्ण मुहिम नाकाम हो जाएगी। वांगचुक को तब हिरासत में लिया गया था, जब लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा और 'छठी अनुसूची' (Sixth Schedule) का दर्जा देने की मांग को लेकर हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों में चार लोगों की मौत हो गई थी और 90 लोग घायल हो गए थे। सरकार ने उन पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया था।

टॅग्स :NSAमोदी सरकारmodi government
Open in App

संबंधित खबरें

भारत'ED सरकार के इशारे पर काम कर रही', PMLA मामले में जमानत के बाद बोले रॉबर्ट वाड्रा- "मेरे पास छिपाने के लिए कुछ नहीं"

भारतयह समय राजनीति का नहीं, देश संभालने का है

भारतबढ़ती महंगाई, घटती विकास दर की चुनौती

भारत'मोदी की वसूली शुरू', फ्यूल रेट बढ़ने पर कांग्रेस ने पीएम पर कसा तंज, कहा- "महंगाई मैन"

कारोबारकेंद्र सरकार ने बढ़ाए पेट्रोल-डीजल के दाम; ₹3 महंगा हुआ तेल, क्या अब और बढ़ेगी महंगाई?

भारत अधिक खबरें

भारत'भारत अब नक्सल-मुक्त है': अमित शाह ने छत्तीसगढ़ में उग्रवाद के खात्मे की घोषणा की

भारतMadhya Pradesh: खेलते‑खेलते कार में बंद 4 साल की बच्ची की मौत, दो घंटे तक किसी ने नहीं देखा

भारतमुंबई और अहमदाबाद के बीच भारत की पहली बुलेट ट्रेन की पहली झलक सामने आई

भारतमहाराष्ट्र के पालघर में शादी के परिवार को ले जा रहे एक ट्रक की दूसरे ट्रक से टक्कर, 12 की मौत, 20 से ज़्यादा घायल

भारतरांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में महिला कैदी का किया गया यौन शोषण, हुई गर्भवती, कराया गया गर्भपात! नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र