लाइव न्यूज़ :

मणिपुर हिंसा: सुप्रीम कोर्ट यौन हिंसा में पुलिस की मिलीभगत पर हुआ तल्ख, एसआईटी से कहा- 'आरोपों की सख्त जांच करें'

By आशीष कुमार पाण्डेय | Updated: August 11, 2023 09:37 IST

सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर में महिलाओं के साथ हुए गैंगरेप और उत्पीड़न के केस में पुलिस अधिकारियों के मिलीभगत के आरोपों पर बेहद तल्ख होते हुए एसआईटी को आदेश दिया है कि वो इन आरोपों की बेहद सख्ती से जांच करे।

Open in App
ठळक मुद्देमणिपुर में महिलाओं के गैंगरेप और उत्पीड़न में पुलिस अधिकारियों पर लगा मिलीभगत का आरोप सुप्रीम कोर्ट ने ऐसे आरोपों को शर्मनाक बताते हुए एसआईटी को सख्त जांच का आदेश दिया सु्प्रीम कोर्ट ने मणिपुर हिंसा के आरोपों की जांच में हो रही देरी पर भी जताई गहरी नाराजगी

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर में महिलाओं के साथ हुए गैंगरेप और उत्पीड़न के केस में पुलिस अधिकारियों के मिलीभगत के आरोपों पर सख्ती दिखाते हुए स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) को आदेश दिया है कि वो इस मामले में गहन जांच करें और आरोपों के तथ्यों की पूरी तस्दीक करें।

समाचार वेबसाइट द न्यू इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार सु्प्रीम कोर्ट ने बीते गुरुवार को हिंसाग्रस्त मणिपुर में आरोपों की जांच में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जांच प्रक्रिया में उजागर हो रहीं खामियां राज्य के लिए अच्छी नहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट के विस्तृत आदेश में एसआईटी को निर्देश दिया है कि वो बेहद कड़ाई से मामलों की जांच करें।

कोर्ट ने एसआईटी को हेड कर रहे महाराष्ट्र के पूर्व पुलिस प्रमुख दत्तात्रेय पडसलगीकर को कहा कि वो महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों से निपटने वाली 11 एफआईआर को बेहद गंभीरता से लें। कोर्ट ने पूर्व डीजी पडसलगीकर सहित तीन सदस्यीय कमेटी को दो महीने में रिपोर्ट देने को कहा है।

इसके साथ चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच ने गृह मंत्रालय को आदेश दिया कि वो इस जांच के लिए डिप्टी एसपी रैंक के पांच महिला अधिकारियों को नियुक्त करे। जिनमें से एक राजस्थान, मध्य प्रदेश, झारखंड, ओडिशा और दिल्ली से होनी चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट ने सांप्रदायिक हिसा के दौरान महिलाओं के साथ की गई बर्बरता और यौन हिंसा के गंभीर कृत्यों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अपने आदेश के पेज नंबर 36 पेज में हाईकोर्ट की पूर्व चीफ जस्टिस गीता मित्तल, शालिनी पी जोशी और आशा मेनन की तीन सदस्यीय समिति को महिलाओं के साथ हुई अमानवीय हिंसा की जांच का काम सौंपा है।

 

टॅग्स :सुप्रीम कोर्टमणिपुरस्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीमहाई कोर्टगृह मंत्रालय
Open in App

संबंधित खबरें

भारतजमानत नियम और जेल अपवाद, यूएपीए मामले में भी यही नियम?, सुप्रीम कोर्ट ने हंदवाड़ा निवासी सैयद इफ्तिखार अंद्राबी को दी राहत, पासपोर्ट जमा करने और हर 15 दिन में एक बार थाने जाओ?

भारतदिल्ली बार काउंसिल चुनावः मतगणना पर रोक, प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा- न्यायालय फैसला नहीं सुनाता, तब तक मतपत्रों की गिनती स्थगित

भारतकभी किसी के विचारों पर आत्मावलोकन भी तो हो!

भारतCJI सूर्यकांत ने अपने बेरोज़गार युवाओं की तुलना 'कॉकरोच' से करने वाले बयान पर दी सफाई

क्राइम अलर्ट3,700 करोड़ रुपये घोटाला, 250 से अधिक मामले दर्ज, सुप्रीम कोर्ट ने ‘मुख्य साजिशकर्ता’ की पत्नी को दी जमानत

भारत अधिक खबरें

भारत'भारत अब नक्सल-मुक्त है': अमित शाह ने छत्तीसगढ़ में उग्रवाद के खात्मे की घोषणा की

भारतMadhya Pradesh: खेलते‑खेलते कार में बंद 4 साल की बच्ची की मौत, दो घंटे तक किसी ने नहीं देखा

भारतमुंबई और अहमदाबाद के बीच भारत की पहली बुलेट ट्रेन की पहली झलक सामने आई

भारतमहाराष्ट्र के पालघर में शादी के परिवार को ले जा रहे एक ट्रक की दूसरे ट्रक से टक्कर, 12 की मौत, 20 से ज़्यादा घायल

भारतरांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में महिला कैदी का किया गया यौन शोषण, हुई गर्भवती, कराया गया गर्भपात! नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र