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आइए जानते हैं राफेल जेट की क्या खूबियां हैं, पाकिस्तान के एफ-16 इसके आगे जीरो

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: October 8, 2019 17:54 IST

देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को राफेल सौंपा गया। राजनाथ सिंह ने राफेल यूनिट का दौरा, साथ ही मेरीनेक एयरबेस का भी निरीक्षण किया। राजनाथ सिंह राफेल की शस्त्र पूजा किया। इसके बाद भारत को पहला राफेल विमान मिल गया। 

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ठळक मुद्देअधिकारियों ने बताया कि दहशरे के दिन ही फ्रांसीसी पोर्ट बोर्डेक्स पर सिंह पहला राफेल विमान स्वीकार किया।पूर्ववर्ती राजग सरकार में गृहमंत्री रहते हुए भी वह शस्त्र पूजा करते थे।

आखिरकार भारत को फ्रांस से राफेल विमान मिल गया। इस विमान को लेकर कितना देश में हंगामा हुआ था। आज वायुसेना का स्थापना दिवस है। 87 साल के देश की सेवा में तत्पर वायुसेना के लिए आज का दिन काफी अहम है।

देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को राफेल सौंपा गया। राजनाथ सिंह ने राफेल यूनिट का दौरा, साथ ही मेरीनेक एयरबेस का भी निरीक्षण किया। राजनाथ सिंह राफेल की शस्त्र पूजा किया।इसके बाद भारत को पहला राफेल विमान मिल गया। 

अधिकारियों ने बताया कि दहशरे के दिन ही फ्रांसीसी पोर्ट बोर्डेक्स पर सिंह पहला राफेल विमान स्वीकार किया। पूजा करने के बाद सिंह राफेल में उड़ान भर उसका अनुभव भी लेंगे। सिंह वर्षों से ‘शस्त्र पूजा’ करते आ रहे हैं। पूर्ववर्ती राजग सरकार में गृहमंत्री रहते हुए भी वह शस्त्र पूजा करते थे। शस्त्र पूजा या आयुध पूजा में अस्त्र-शस्त्र की पूजा की जाती है। देश के विभिन्न हिस्सों में यह दशहरा उत्सव का हिस्सा है। 

सिंह को राफेल सौंपने का कार्यक्रम पेरिस से करीब 590 किलोमीटर दूर विमान की निर्माता कंपनी दसाल्ट एविएशन के संयंत्र में है। हालांकि 36 विमानों में से पहला विमान रक्षा मंत्री को मंगलवार को ही मिल जाएगा लेकिन चार विमानों की पहली खेप अगले वर्ष मई में भारत पहुंचेगी। 

आइए जानते हैं कि राफेल जेट की क्या खूबियां हैं और इससे भारत की हवा में लड़ने की क्षमता कैसे बढ़ेगी

राफेल एक ऐसा लड़ाकू विमान है, जिसे हर तरह के मिशन पर भेजा जा सकता है। भारतीय वायुसेना की इस पर काफी वक्त से नजर थी।

यह एक मिनट में 60 हजार फुट की ऊंचाई तक जा सकता है। इसकी फ्यूल कपैसिटी 17 हजार किलोग्राम है।

चूंकि राफेल जेट हर तरह के मौसम में एक साथ कई काम करने में सक्षम है, इसलिए इसे मल्टिरोल फाइटर एयरक्राफ्ट के नाम से भी जाना जाता है।

इसमें स्काल्प मिसाइल है जो हवा से जमीन पर वार करने में सक्षम है।

राफेल की मारक क्षमता 3700 किलोमीटर तक है, जबकि स्काल्प की रेंज 300 किलोमीटर है।

विमान में फ्यूल क्षमता- 17,000 किलोग्राम है।

यह ऐंटी शिप अटैक से लेकर परमाणु अटैक, क्लोज एयर सपॉर्ट और लेजर डायरेक्ट लॉन्ग रेंज मिसाइल अटैक में भी अव्वल है।

यह 24,500 किलो तक का वजन ले जाने में सक्षम है और 60 घंटे की अतिरिक्त उड़ान भी भर सकता है।

 इसकी स्पीड 2,223 किलोमीटर प्रति घंटा है।

भारत को मिलने वाले राफेट जेट में होंगे ये 6 बदलाव:

इजरायली हेलमेट माउंटेड डिस्प्लेराडार वॉर्निंग रिसीवर्सलो बैंड जैमर्स10 घंटे का फ्लाइट डेटा रिकॉर्डिंग सिस्टमइन्फ्रा-रेड सर्चट्रैकिंग सिस्टम

एफ-16 से आकार में बड़ा और ताकतवर है राफेल जेट

राफेल के डैनों की लंबाई 10.90 मीटर है। वहीं, एफ-16 के डैनों की लंबाई 9.96 मीटर है. राफेल की लंबाई 15.30 मीटर, जबकि एफ-16 की 15.06 है। आकार में राफेल, एफ-16 से थोड़ा बड़ा है। राफेल का कुल वजन 10 टन है. वह 24.5 टन वजन के हथियार लेकर उड़ सकता है, जबकि, पाकिस्तानी एफ-16 का वजन 9.2 टन है। यह सिर्फ 21.7 टन वजन लेकर उड़ने की क्षमता रखता है।

टॅग्स :राफेल सौदामोदी सरकारफ़्रांसराजनाथ सिंह
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