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उमर सरकार में दहशत का माहौल?, उपमुख्यमंत्री काफिले में शामिल बुलेट प्रूफ गाड़ियां, पायलट और स्काउट गाड़ियां भरोसेमंद नहीं?

By सुरेश एस डुग्गर | Updated: March 17, 2026 13:43 IST

नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष और जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला (जिन्हें जेड प्लस सुरक्षा मिली हुई है) पर हुए हमले की कोशिश के एक हफ्ते बाद, उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने अपनी सुरक्षा में लगी गाड़ियों की खराब हालत पर चिंता जताई है।

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ठळक मुद्देसुरक्षा काफिले में शामिल सुरक्षा वाहनों पर विश्वास नहीं है।अपनी सुरक्षा व्यवस्था की तुरंत समीक्षा करने और उसे सुधारने की मांग की है।उपमुख्यमंत्री ने एक बुलेट प्रूफ फार्च्यूनर गाड़ी मांगी थी।

जम्मूः नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डा फारूक अब्दुल्ला पर हुए नाकाम हमले के उपरांत उमर सरकार में सुरक्षा को लेकर बदहवासी का माहौल है। आलम यह है कि उप मुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी जो इस हमले के वक्त फारूक अब्दुल्ला के साथ ही थे, अपनी सुरक्षा का रोना भी रो रहे हैं। दरअसल उन्हें अपने सुरक्षा काफिले में शामिल सुरक्षा वाहनों पर विश्वास नहीं है।

यह सच है कि नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष और जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला (जिन्हें जेड प्लस सुरक्षा मिली हुई है) पर हुए हमले की कोशिश के एक हफ्ते बाद, उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने अपनी सुरक्षा में लगी गाड़ियों की खराब हालत पर चिंता जताई है। उन्होंने अपनी सुरक्षा व्यवस्था की तुरंत समीक्षा करने और उसे सुधारने की मांग की है।

चौधरी के विशेष कर्तव्य अधिकारी सुरेश चंद्र ने 15 मार्च को जम्मू के सुरक्षा एसएसपी को एक पत्र लिखा। इसमें उन्होंने बताया कि उपमुख्यमंत्री के काफिले में शामिल बुलेट प्रूफ गाड़ियां, पायलट और स्काउट गाड़ियां तकनीकी रूप से भरोसेमंद नहीं हैं। उन्होंने 15 मार्च को राजौरी जिले के सीमावर्ती इलाके नौशहरा के दौरे का हवाला देते हुए उपमुख्यमंत्री ने एक बुलेट प्रूफ फार्च्यूनर गाड़ी मांगी थी,

लेकिन, उन्हें यह गाड़ी मुहैया नहीं कराई गई। पत्र में यह भी बताया गया था कि उपमुख्यमंत्री की सुरक्षा में तैनात रहने वाली जैमर गाड़ी भी पिछले छह महीनों से मरम्मत के लिये हटा ली गई है और इसे अब तक वापस नहीं लगाया गया है। अर्थात उप मुख्यमंत्री का सुरक्षा काफिला बिना जैमर वाहन के ही चल रहा है।

इस पत्र में आगे यह भी कहा गया है कि वर्तमान में सुरक्षा में तैनात बुलेट प्रूफ गाड़ी, पायलट और स्काउट गाड़ियां तकनीकी रूप से भरोसेमंद नहीं हैं। अधिकारी का कहना था कि हाल ही में इनकी वजह से कुछ गंभीर और जानलेवा हादसे भी हो चुके हैं। उपमुख्यमंत्री के कार्यालय की ओर से बार-बार पुरानी गाड़ियों को बदलकर नई गाड़ियां देने और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने का अनुरोध किया गया,

लेकिन संबंधित अधिकारियों ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। याद रहे 11 मार्च को फारूक अब्दुल्ला एक पार्टी कार्यकर्ता की शादी से निकल रहे थे, तभी उन पर जानलेवा हमला हुआ था। पुरानी मंडी, जम्मू के रहने वाले 63 वर्षीय कमल सिंह जम्वाल ने अपनी रिवाल्वर से उन पर गोलियां चलाईं थी। उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उस हमले के समय उपमुख्यमंत्री भी वहां मौजूद थे। इस हमले के उपरांत फारूक अब्दुल्ला को मुहैया करवाई गई जेड प्लस सुरक्षा पर भी सवाल उठ रहे हैं।

टॅग्स :उमर अब्दुल्लाजम्मू कश्मीरफारूक अब्दुल्ला
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