चौंकाने वाला आंकड़ा: कश्मीर में कुत्तों से आगे निकलीं बिल्लियां, 85,000 से ज़्यादा लोग हुए शिकार

By सुरेश एस डुग्गर | Updated: May 17, 2026 11:45 IST2026-05-17T11:40:58+5:302026-05-17T11:45:55+5:30

Kashmiri Cat: वे कहते थे कि विशेष रूप से कोविड काल के बाद बिल्लियों को पालतू जानवर के रूप में रखने का चलन बढ़ गया है, लेकिन कई मामलों में मालिक टीकाकरण, डीवर्मिंग, समय पर उपचार और स्वच्छता प्रथाओं जैसे मानदंडों का पालन नहीं कर रहे हैं।

Kashmiris are being bitten by cats more than dogs Nearly 85,000 cases have been reported since April 2015 | चौंकाने वाला आंकड़ा: कश्मीर में कुत्तों से आगे निकलीं बिल्लियां, 85,000 से ज़्यादा लोग हुए शिकार

चौंकाने वाला आंकड़ा: कश्मीर में कुत्तों से आगे निकलीं बिल्लियां, 85,000 से ज़्यादा लोग हुए शिकार

Kashmiri Cat: कश्‍मीर में जानवर-मानव संघर्ष में अब कुत्‍तों और बिल्लियों के कटने के  मामले में जुड़ते जा रहे हैं। सबसे चिंता की बात यह है कि कश्‍मीर में कुत्‍तों से ज्‍यादा बिल्लियां कश्‍मीरियों को काट रही हैं। अधिकारियों ने बताया कि पिछले साल श्रीनगर के श्री महाराजा हरि सिंह (एसएमएचएस) अस्पताल में एंटी-रेबीज क्लिनिक में 17,127 पीड़ितों ने, जिनमें से ज्यादातर कुत्ते और बिल्ली के काटने से थे, इलाज की मांग की।

एक अधिकारी ने विवरण साझा करते हुए बताया कि घाटी भर में कुत्तों की व्यापकता ने मानव-कुत्ते के संघर्ष में योगदान दिया है, जिससे क्षेत्र में कुत्तों के काटने के मामलों में वृद्धि हुई है, जबकि बिल्लियों को अब घर पर पाला जा रहा है, जिससे बिल्ली के काटने के मामले सामने आते हैं।

अधिकारी का कहना था कि पिछले एक साल में यानी अप्रैल 2025 से मार्च 2026 तक एआरसी एसएमएचएस अस्पताल में 17,127 मामले आए, जिनमें 7,307 कुत्ते के काटने के 9,144 मामले और 676 अन्य काटने के मामले शामिल हैं।

वे कताते थे कि हमें हर महीने एंटी रेबीज में जानवरों के काटने के लगभग 1500 मामले मिलते हैं और पिछले एक साल में लगभग 17,000 मामले सामने आए हैं। उनका कहना था कि 17,127 मामलों का यह आंकड़ा पिछले दशक में दर्ज सबसे अधिक है, जो इस मुद्दे को तुरंत संबोधित करने की तत्काल आवश्यकता को रेखांकित करता है।

विवरण से पता चलता है कि पिछले एक साल में श्रीनगर में 14554, बडगाम में 751, बारामुल्‍ला में 266, कुपवाड़ा में 231, बांडीपोरा में 304, गंदरबल में 235, पुलवामा में 152, शोपियां में 96, कुलगाम में 99, बडगाम में 111 और अन्य जिलों से 328 मामले दर्ज किए गए।

एक पशु विशेषज्ञ ने बताया कि बिल्लियां कुत्तों की तरह ही रेबीज फैलाती हैं और बिल्ली के काटने के मामले बढ़ रहे हैं और लोगों को इस संबंध में सावधानी बरतने की जरूरत है। वे कहते थे कि विशेष रूप से कोविड काल के बाद बिल्लियों को पालतू जानवर के रूप में रखने का चलन बढ़ गया है, लेकिन कई मामलों में मालिक टीकाकरण, डीवर्मिंग, समय पर उपचार और स्वच्छता प्रथाओं जैसे मानदंडों का पालन नहीं कर रहे हैं।

जानकारी के लिए कश्मीर में, कुत्ते का काटना एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंता का विषय है, हजारों लोग जानवरों के काटने, विशेष रूप से कुत्ते के काटने और कुछ में रेबीज विकसित होने के शिकार बन जाते हैं।

Web Title: Kashmiris are being bitten by cats more than dogs Nearly 85,000 cases have been reported since April 2015

भारत से जुड़ीहिंदी खबरोंऔर देश दुनिया खबरोंके लिए यहाँ क्लिक करे.यूट्यूब चैनल यहाँ इब करें और देखें हमारा एक्सक्लूसिव वीडियो कंटेंट. सोशल से जुड़ने के लिए हमारा Facebook Pageलाइक करे