गुवाहाटी: चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, असम में भारतीय जनता पार्टी ने ज़बरदस्त प्रदर्शन करते हुए चुनावी जीत की हैट्रिक पूरी की और 126 सदस्यों वाली विधानसभा में 82 सीटें हासिल कीं। उसके सहयोगी दलों ने भी अपनी पकड़ बनाए रखी। बोडोलैंड पीपल्स फ्रंट (BPF) और असम गण परिषद (AGP) दोनों ने 10-10 सीटें जीतीं। वहीं, कांग्रेस को झटका लगा और वह सिर्फ़ 19 सीटें ही जीत पाई, जबकि उसके सहयोगी दल रायजोर दल ने 2 सीटें जीतीं।
क्षेत्रीय सहयोगियों और छोटी पार्टियों का प्रदर्शन
बोडोलैंड पीपल्स फ्रंट (BOPF): 10 सीटेंअसम गण परिषद (AGP): 10 सीटेंऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF): 2 सीटेंरायजोर दल (RJRD): 2 सीटेंऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITC): 1 सीट
कुल मिलाकर, असम के वोटरों ने बीजेपी को ही नेतृत्व सौंपा है, क्योंकि हाल के दिनों में पार्टी ने जो काम किए हैं, वे उन्हें पसंद आए हैं। बीजेपी ने न सिर्फ़ सत्ता बरकरार रखी, बल्कि अपनी पहुँच का भी विस्तार किया। इसे राज्य की सबसे निर्णायक जीतों में से एक माना जा रहा है।
असम के लिए भविष्य की संभावनाएँ
यह मज़बूत जनादेश बीजेपी को असम के लिए अपनी विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए ज़रूरी पूरा अवसर देता है। विधानसभा में इतने ठोस आँकड़ों के साथ, उनसे बुनियादी ढाँचे, अर्थव्यवस्था और सामाजिक कार्यक्रमों पर ध्यान केंद्रित करने की उम्मीद की जा सकती है—और यह सब करते हुए वे पूर्वोत्तर पर अपनी पकड़ और मज़बूत करने का भी प्रयास करेंगे। असम का राजनीतिक परिदृश्य अब और भी दिलचस्प हो गया है।