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Holi Safety Tips : कैंसर, लकवा, अस्थमा जैसे 10 रोगों का मरीज बना सकते हैं होली के ये वाले रंग

By उस्मान | Updated: March 10, 2020 07:13 IST

होली पर सिर्फ नैचुरल कलर्स का इस्तेमाल करें वरना जीवनभर पछताना पड़ सकता है

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Holi 2020 : होली के लिए ऑर्गेनिक तत्वों से बनने वाले नेचुरल कलर्स को सुरक्षित माना जाता है। लेकिन बाजार में मिलने वाले कलर्स में केमिकल्स की मात्रा अधिक होती है और कुछ कलर्स ऐसे होते हैं जिनमें हैवी मेटल्स होते हैं, जो आपके और आपके बच्चे के लिए हानिकारक हो सकते हैं।

इतना ही नहीं कुछ कलर ऐसे होते हैं जिनके इस्तेमाल से गर्भवती महिलाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। जाहिर है प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं का इम्यून सिस्टम मजबूत नहीं होता है और उनकी स्किन भी ज्यादा सेंसिटिव होती है। छोटे बच्चों की त्वचा भी काफी नाजुक होती है।

इसलिए आपको बच्चों को कलर से बचाना चाहिए। खासकर छह महीने की उम्र के बच्चों को रंग से पूरी तरह बचाना चाहिए। चलिए जानते हैं किस कलर में क्या केमिकल होते हैं और उससे आपको क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं।

कलर- रेड केमिकल- मरकरी सल्फाइट  नुकसान- स्किन कैंसर, लकवा 

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कलर- ब्लैककेमिकल- लीड ऑक्साइड नुकसान- रेनल फेलियर, त्वचा में जलन

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कलर- ब्लू केमिकल- प्रशियन नुकसान- त्वचा में जलन और सूजन 

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कलर-ग्रीन केमिकल- कॉपर सल्फेट और मैलाचाइट नुकसान- आंखों में एलर्जी, अंधापन, पानी निकलना और लाल होना

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कलर- बैंगनी केमिकल- क्रोमियम आयोडाइड नुकसान- अस्थमा, एलर्जी

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कलर- सिल्वर केमिकल- एल्यूमिनियम ब्रोमाइड नुकसान- कैंसर  

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रंगों में पाए जाने वाले अन्य हानिकारक पदार्थ और उनके नुकसान

क्रोमियम: ब्रोन्कियल अस्थमा, एलर्जी का कारण हो सकता हैनिकेल: निमोनिया कैडमियम: हड्डियां कमजोर और भंगुर हो सकती हैंजिंक: बुखार  आयरन: त्वचा हल्की संवेदनशीलता हो सकती है

होली पर रखें इन बातों का रखें ध्यान

1) कुछ विक्रेता केमिकल्स वाले कलर्स को ऑर्गेनिक बताकर बेचते हैं। इसलिए आपको सिर्फ ब्रांड वाले कलर्स ही खरीदने चाहिए। 

2) नेचुरल मेहंदी सुरक्षित होती है लेकिन काली मेहंदी में पैराफेनिलेंडियमिन (पीपीडी) केमिकल होता है, जिससे एलर्जिक रिएक्शन हो सकता है। 

3) होली खेलने से पहले तेल, पेट्रोलियम जेली या मॉइस्चराइज़र लगाने से कुछ हद तक रंग से बचने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा अपने बालों पर भी लगाएं। 

4) होली के बाद, डिटर्जेंट, केरोसीन, स्प्रिट, नेल पॉलिश, अल्कोहल या एसीटोन का प्रयोग न करें। इससे त्वचा खराब हो सकती है। 

टॅग्स :होलीहेल्थ टिप्समेडिकल ट्रीटमेंट
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