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Covid-19: एक्सपर्ट्स का दावा, ठंड में हालत खराब कर सकता है कोरोना, इन 5 तरीकों से करें बचाव

By उस्मान | Updated: October 14, 2020 09:46 IST

कोरोना वायरस और ठंड : क्या ठंड में ज्यादा तेजी से फैलता है कोरोना वायरस ?

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ठळक मुद्देसार्स-को-2 एक रेस्पिरेट्री वायरस है और ऐसे वायरस को ठंड के मौसम में बढ़ने के लिए जाना जाता हैसर्दियों के मौसम में मामलों की संख्या में वृद्धि देखी जा सकती हैफेस्टिव सीजन में बढ़ सकता है खतरा

कोरोना वायरस का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। चीन से निकले इस खतरनाक वायरस से दुनियाभर में अब तक 1,090,811 लोगों की मौत हो गई है और 38,361,289 लोग संक्रमित हुए हैं। भारत में कोरोना के मामले 7,237,082 हो गए हैं और संक्रमण से मरने वालों की संख्या 110,617 हो गई है। 

क्या है विशेषज्ञों की राय

इस बीच विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि सर्दियों के मौसम में कोरोना वायरस और ज्यादा आक्रमक हो सकता है। विशेषज्ञों ने माना है कि ठंड बढ़ने के साथ ही पश्चिमी देशों में कोरोना का प्रकोप दोबारा से पांव पसारने लगा है। 

सर्दी में ठंड के कारण अक्सर बच्चे और बूढ़ों में सर्दी, जुकाम और निमोनिया की शिकायत बढ़ने लगती हैं। कोरोना और सर्दी में जुकाम के कारण होने वाले संक्रमण के लक्षण समान हैं। यही कारण हैं कि यूरोप के कई देश और अमेरिका में कोरोना का नया पीक देखने को मिल रहा है।

स्वास्थ्य मंत्री का क्या कहना है

स्वास्थ्य मंत्री डॉ। हर्षवर्धन ने कहा कि सार्स-को-2 एक रेस्पिरेट्री वायरस है और ऐसे वायरस को ठंड के मौसम में बढ़ने के लिए जाना जाता है। रेस्पिरेट्री वायरस ठंड के मौसम और कम आर्द्रता की स्थिति में बेहतर तरीके से पनपते हैं। एक और तथ्य है जिसे ध्यान में रखना आवश्यक है। 

सर्दियों के दौरान, आवासीय आवासों में भीड़भाड़ होती है। इससे मामले बढ़ सकते हैं।।। इसलिए भारतीय संदर्भ में, यह मानना गलत नहीं होगा कि सर्दियों के मौसम में मामलों की संख्या में वृद्धि देखी जा सकती है।

यूरोपीय देशों में कोरोना के मामलों में तेजी से वृद्धि

मंत्री ने यूरोपीय देशों का भी उदाहरण दिया, जिसमें विशेष तौर पर ब्रिटेन के बारे में बताया, जहां पर ठंड के मौसम में कोरोना वायरस के मामलों में वृद्धि देगी गई थी।  

फेस्टिव सीजन में बढ़ सकता है खतरा

फर्स्ट पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, कोरोना वायरस के बारे में नीति आयोग के सदस्य और कोरोना टास्क फोर्स के चेयरमैन डॉक्टर वीके पॉल ने कहा कि सर्दियों का मौसम शुरू होते ही फेस्टिव सीजन भी शुरू हो जाएगा। ठंड के नवरात्र के साथ ईद, दिवाली, क्रिसमिस और नया साल आ जाएगा।

ठंड में कोरोना वायरस से बचने के उपाय

नियमों का सख्ती से पालन करेंकोरोना वायरस का टीका अभी नहीं आया है। हालांकि का टीकों का परीक्षण अंतिम चरण में है और उम्मीद की जा रही है कि अगले साल की शुरुआत में टीका बाजार में आ सकता है। यही वजह है कि एक्सपर्ट्स फिलहाल नियमों का सख्ती से पालन करने की सलाह दे रहे हैं। 

कोरोना से बचने के लिए तीन मंत्रों का सख्ती से पालन करना चाहिए। इसमें पहला पहला मास्क पहनना, दूसरा दो गज की दूरी और तीसरा हाथों को बार-बार साबुन से धोना शामिल है। 

अगर ऐसा नहीं किया तो मजबूरी में जिस तरह कई देशों में फिर से लॉकडाउन होने लगा है। लोग फिर से घरों में बंद होने लगे हैं। वह स्थिति यहां दोबारा न आए इस बात का ध्यान रखें। क्योंकि आर्थिक स्थिरता और सुधार के लिए जरूरी है कि हम कोरोना से बचाव के लिए नियमों का सख्ती से पालन करें।

कोरोना के खिलाफ जन आंदोलन का हिस्सा बनें

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव अमित खरे ने कहा कि प्रधानमंत्री की ओर से चलाए गए अभियान 'जब तक दवाई नहीं, तब तक ढिलाई नहीं' को जनांदोलन के रूप में चलाया जा रहा है। जिसके तहत 90 करोड़ लोगों को अभियान से जोड़कर जागरूक करने का लक्ष्य रखा गया है। 

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