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प्रस्थान समय से 8 घंटे से पहले ‘कंफर्म’ टिकट रद्द करते हैं तो एक भी पैसा वापस नहीं?, वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस और अमृत भारत 2 ट्रेन को लेकर रेलवे ने जारी किया नियम?

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: January 20, 2026 22:47 IST

मंत्रालय ने रेल यात्री (टिकट रद्द करना और किराया वापसी) नियम, 2015 में संशोधन किया है और वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस के साथ-साथ अमृत भारत 2 ट्रेनों के लिए सख्त नियमों को अधिसूचित किया है।

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ठळक मुद्दे48 घंटे से 12 घंटे पहले रद्द किया जाता है तो किराये का 25 प्रतिशत नहीं लौटाया जाता है।अवधि के आधार पर 100 प्रतिशत तक जा सकता है।परिवार को या तो छह निश्चित बर्थ मिलेंगी या एक भी नहीं।

नई दिल्लीः वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस और अमृत भारत 2 ट्रेनों के यात्री यदि निर्धारित प्रस्थान समय से आठ घंटे से पहले, अपने ‘कंफर्म’ टिकट रद्द करते हैं तो एक भी पैसा वापस नहीं मिलेगा। रेल मंत्रालय द्वारा 16 जनवरी को जारी एक अधिसूचना के अनुसार, इन ट्रेनों के टिकट रद्द करने का शुल्क किराये का 25 प्रतिशत होगा, बशर्ते कि ‘कंफर्म’ टिकट 72 घंटे से पहले रद्द किए जाएं। मंत्रालय ने रेल यात्री (टिकट रद्द करना और किराया वापसी) नियम, 2015 में संशोधन किया है और वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस के साथ-साथ अमृत भारत 2 ट्रेनों के लिए सख्त नियमों को अधिसूचित किया है।

अधिसूचना के अनुसार, ‘‘यदि ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान समय से आठ घंटे से कम समय पहले टिकट रद्द किया जाता है, तो कोई रकम वापस नहीं दी जाएगी।’’ अन्य ट्रेनों के मामले में, यदि ‘कंफर्म’ टिकट निर्धारित प्रस्थान समय से चार घंटे से कम समय पहले रद्द किए जाते हैं, तो धनवापसी के लिए पात्र नहीं होंगे। अधिसूचना के अनुसार, ‘‘यदि ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान समय से 72 घंटे से पहले टिकट रद्द किया जाता है, तो रद्द करने का शुल्क किराये का 25 प्रतिशत होगा। वहीं, यदि ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान समय से 72 घंटे से लेकर आठ घंटे पहले तक टिकट रद्द किया जाता है तो इसका शुल्क किराये का 50 प्रतिशत होगा।’’

अन्य ट्रेनों के लिए, यदि ‘कंफर्म’ टिकट को निर्धारित प्रस्थान समय से 48 घंटे से 12 घंटे पहले रद्द किया जाता है तो किराये का 25 प्रतिशत नहीं लौटाया जाता है, जबकि ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान समय से 12 घंटे से 4 घंटे पहले टिकट रद्द किया जाता है तो 50 प्रतिशत शुल्क लागू होता है। संशोधित नियमों की व्याख्या करते हुए रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘इसका मतलब यह है कि टिकट कंफर्म होने के बाद, इसे रद्द करने का न्यूनतम शुल्क टिकट की कीमत का 25 प्रतिशत है, और यह अवधि के आधार पर 100 प्रतिशत तक जा सकता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘वंदे भारत स्लीपर और अमृत भारत 2 में, अन्य ट्रेनों के विपरीत, प्रत्येक यात्री को एक निश्चित बर्थ की गारंटी दी जाती है। अन्य ट्रेनों में, यदि छह सदस्यों के एक परिवार को केवल तीन निश्चित बर्थ (सीट) मिलती हैं, तो शेष तीन सदस्यों को प्रतीक्षा करनी पड़ती है और उन्हें अन्य परिवार के सदस्यों के साथ बर्थ साझा करनी पड़ती है।

वंदे भारत स्लीपर और अमृत भारत 2 में, ऐसे परिवार को या तो छह निश्चित बर्थ मिलेंगी या एक भी नहीं।’’ अधिकारी ने स्पष्ट किया कि 2026 में शुरू होने वाली अमृत भारत ट्रेन का नाम अमृत भारत 2 रखा गया है तथा ये आरक्षण और रद्द करने के नियम उन पर भी लागू होंगे।

रेलवे द्वारा 15 जनवरी 2025 को जारी एक परिपत्र में कहा गया है कि जनवरी 2026 या उसके बाद शुरू की जाने वाली अमृत भारत ट्रेन को अमृत भारत 2 के नाम से जाना जाएगा। अधिकारी ने कहा, ‘‘फिलहाल, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 17 और 18 जनवरी 2026 को एक जोड़ी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन और नौ जोड़ी अमृत भारत 2 ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था और ये नये नियम इन ट्रेनों पर लागू होंगे।’’ 

टॅग्स :Vande Bharat ExpressRailway Ministry
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