डायमंड क्राॅसिंग पर ट्रेनाें काे झटकाें से मिलेगी मुक्ति?, सितंबर महीने से शुरू हाेगा काम, क्या होंगे फायदे?

By आनंद शर्मा | Updated: April 27, 2026 09:41 IST2026-04-27T09:40:15+5:302026-04-27T09:41:15+5:30

कार्य हाेने पर नागपुर स्टेशन के यार्ड की सबसे बड़ी तकनीकी बाधा दूर हाेकर डायमंड क्रॉसिंग से चारों दिशाओं में यात्री ट्रेनाें एवं मालगाड़ियाें की आवाजाही बेहद आसान हाे सकेगी.

nagpur rail trains be relieved jolts Diamond Crossing Work will begin in September, track upgrade blueprint ready | डायमंड क्राॅसिंग पर ट्रेनाें काे झटकाें से मिलेगी मुक्ति?, सितंबर महीने से शुरू हाेगा काम, क्या होंगे फायदे?

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Highlightsव्हील जंप यानी झटकाें का सामना भी करना पड़ता है.नागपुर मंडल प्रशासन ने इस कार्य के लिए निविदा भी जारी कर दी है. लाभ यात्रियाें और उद्याेग व्यापार जगत काे हाेने की उम्मीद है.

नागपुर: नागपुर रेलवे स्टेशन देश के सबसे व्यस्त रेलवे जंक्शनों में से एक है. यहां की लगभग 75 साल पुरानी डायमंड क्रॉसिंग लंबे समय से एक ‘ऑपरेशनल बॉटलनेक’ बनी हुई है. यहां से ट्रेनें महज 10 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ही गुजर पाती हैं. इतना ही नहीं, उन्हें व्हील जंप यानी झटकाें का सामना भी करना पड़ता है.

लेकिन अब मध्य रेलवे, नागपुर मंडल प्रशासन ने आधुनिक तकनीक की मदद से इस डायमंड क्राॅसिंग के ट्रैक अपग्रेडेशन का ब्लू प्रिंट तैयार कर लिया है. इसकी डिजाइन का मूल्यांकन करके रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गेनाइजेशन (आरडीएसओ) अब फाइनल डिजाइन तैयार कर रहा है. इस बीच, मध्य रेलवे, नागपुर मंडल प्रशासन ने इस कार्य के लिए निविदा भी जारी कर दी है.

आरडीएसओ से डिजाइन मिलने और निविदा आवंटित करके ये कार्य सितंबर से शुरू करने का मानस रेल प्रशासन का है. ये कार्य हाेने पर नागपुर स्टेशन के यार्ड की सबसे बड़ी तकनीकी बाधा दूर हाेकर डायमंड क्रॉसिंग से चारों दिशाओं में यात्री ट्रेनाें एवं मालगाड़ियाें की आवाजाही बेहद आसान हाे सकेगी. इसका लाभ यात्रियाें और उद्याेग व्यापार जगत काे हाेने की उम्मीद है.

क्या होंगे फायदे?

- 10 किमी/घंटा की स्पीड पाबंदी खत्म

- प्लेटफाॅर्म 8 से इटारसी जा सकेंगी ट्रेनें

(अभी मालगाड़ियां सीमित गति से जाती हैं)

- ट्रेनों की आवाजाही आसान और तेज
- मेंटेनेंस खर्च और दिक्कतों में कमी
- रेलवे संरक्षा में आएगा बड़ा सुधार

आखिर क्या होगा बदलाव?

नागपुर रेलवे यार्ड में मौजूद डायमंड क्रॉसिंग नंबर 9, 10, 11 और 12 गैर-मानक डिजाइन की हैं, जो नागपुर-गाेधनी और कलमना-नागपुर सेक्शन को 65 डिग्री के कोण पर जोड़ती हैं. मौजूदा ‘बिल्ट-अप’ संरचना के कारण एक दिशा में ट्रेन के पहियों में झटका (व्हील जंप) आता है.
इससे सुरक्षा के लिहाज से 10 किमी प्रति घंटे की सख्त स्पीड लिमिट लागू है. ऐसे में पुरानी डायमंड क्रॉसिंग के स्थान पर आधुनिक वेल्डेड सीएमएस (कास्ट मैगनीज स्टील) फैब्रिकेटेड असेंबली लगाई जाएगी. ये डिजाइन विशेष रूप से नागपुर के अनोखे ट्रैक एंगल के अनुसार बनाई गई है.

नागपुर स्टेशन के यार्ड की डायमंड क्राॅसिंग काफी पुरानी है. सुचारू रेल यातायात की दृष्टि से इसका अपग्रेडेशन जरूरी है. इसके लिए डिजाइन बनाकर आरडीएसओ काे दी गई है. आरडीएसओ फाइनल डिजाइन देगा. इस कार्य की निविदा प्रक्रिया भी जारी है.

ये कार्य हाेने पर यार्ड में रेलवे संरक्षा काे बल मिलकर 10 किमी की रफ्तार की पाबंदी समाप्त हाेने में मदद मिलेगी. प्लेटफाॅर्म-8 से इटारसी के लिए यात्री ट्रेनें चलाई जा सकेंगी.’- विनायक गर्ग, मंडल रेल प्रबंधक, मध्य रेलवे, नागपुर मंडल

Web Title: nagpur rail trains be relieved jolts Diamond Crossing Work will begin in September, track upgrade blueprint ready

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