घरों की ‘होम मिनिस्टर’ पर बचत की जिम्मेदारी?, पीएम मोदी की ‘बचत और आत्मनिर्भरता’ की अपील?

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: May 18, 2026 05:14 IST2026-05-18T05:14:47+5:302026-05-18T05:14:47+5:30

भारतीय महिलाओं को सदियों से ‘गृह लक्ष्मी’ कहा जाता रहा है. घर की आय और खर्च का संतुलन बनाए रखने में उनकी विशेष भूमिका होती है.

Home Minister responsibility saving houses lies Narendra Modi's appeal 'savings and self-reliance' gains further importance blog Kiran Chopra  | घरों की ‘होम मिनिस्टर’ पर बचत की जिम्मेदारी?, पीएम मोदी की ‘बचत और आत्मनिर्भरता’ की अपील?

सांकेतिक फोटो

Highlightsप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘बचत और आत्मनिर्भरता’ की अपील का महत्व और भी बढ़ जाता है.बचत, आत्मनिर्भरता और जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने की अपील की है.निवेश और बचत योजनाओं की जानकारी लेकर परिवार को आर्थिक सुरक्षा दे सकती हैं.

किरण चोपड़ा

हमारे यहां घरों-परिवारों पर जब कभी वित्तीय संकट आते हैं तो गृह लक्ष्मी ही इसे संभालती हैं तथा संकट मोचक की भूमिका निभाती हैं. क्योंकि महिलाएं घर बहुत अच्छी तरह से चलाना जानती हैं तथा रसोई व घर के अन्य खर्चों पर कंट्रोल करती हैं, इसीलिए उन्हें घरों में ‘होम मिनिस्टर’ भी कह दिया जाता है. मेरा मानना है कि संकट के समय भारत को मजबूत बनाने में महिलाओं की भूमिका और भी अहम बन जाती है, ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘बचत और आत्मनिर्भरता’ की अपील का महत्व और भी बढ़ जाता है.

भारत एक ऐसा देश है जहां महिलाओं ने हर दौर में परिवार, समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. आज जब दुनिया आर्थिक चुनौतियों, महंगाई, प्राकृतिक संकटों और संसाधनों की कमी जैसी समस्याओं का सामना कर रही है, तब प्रधानमंत्री ने देशवासियों से जीवन के हर क्षेत्र में बचत, आत्मनिर्भरता और जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने की अपील की है.

इस अभियान को सफल बनाने में महिलाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे घर की व्यवस्था, संसाधनों के उपयोग और परिवार के संस्कारों की मुख्य आधार होती हैं. भारतीय महिलाओं को सदियों से ‘गृह लक्ष्मी’ कहा जाता रहा है. घर की आय और खर्च का संतुलन बनाए रखने में उनकी विशेष भूमिका होती है.

यदि महिलाएं अनावश्यक खर्चों को कम करें, जरूरत के अनुसार खरीदारी करें और बच्चों को भी बचत की आदत सिखाएं तो परिवार आर्थिक रूप से मजबूत बनेगा. मैं समझती हूं कि आज डिजिटल युग में महिलाएं ऑनलाइन बैंकिंग, निवेश और बचत योजनाओं की जानकारी लेकर परिवार को आर्थिक सुरक्षा दे सकती हैं.

यदि हर घर में समझदारी से खर्च हो तो राष्ट्रीय स्तर पर संसाधनों की बचत संभव है. मैंने महसूस किया है कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ का सपना तभी पूरा होगा जब महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त बनेंगी. आज महिलाएं छोटे उद्योग, हस्तशिल्प, सिलाई, ब्यूटी पार्लर, ऑनलाइन व्यवसाय और स्वयंसहायता समूहों के माध्यम से देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रही हैं.

किसी भी संकट- चाहे वह महामारी हो, आर्थिक मंदी हो या प्राकृतिक आपदा में महिलाओं का धैर्य और नेतृत्व, परिवार को संभालने में मदद करता है. कोविड-19 महामारी के दौरान हमने देखा कि महिलाओं ने परिवार की देखभाल, स्वास्थ्य सुरक्षा और सीमित संसाधनों में घर चलाने का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया.

हमारे यहां महिलाएं परिवार के सदस्यों को सकारात्मक सोच, अनुशासन और संयम का पाठ पढ़ाकर मानसिक रूप से मजबूत बना सकती हैं. संकट के समय घबराने के बजाय समझदारी से निर्णय लेना वे जानती हैं. सच यही है कि एक शिक्षित महिला पूरे परिवार को शिक्षित बनाती है.

यदि महिलाएं बच्चों को ईमानदारी, अनुशासन, मेहनत और देशप्रेम के संस्कार दें तो भारत का भविष्य मजबूत होगा. बचपन से ही बच्चों को संसाधनों की कीमत समझाना, देश के प्रति जिम्मेदारी सिखाना और समाज सेवा के लिए प्रेरित करना बहुत आवश्यक है.

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