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मई में निर्यात 69.35 प्रतिशत बढ़कर 32.27 अरब डॉलर पर, व्यापार घाटा 6.28 अरब डॉलर हुआ

By भाषा | Updated: June 15, 2021 21:17 IST

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नयी दिल्ली, 15 जून देश का निर्यात मई में 69.35 प्रतिशत बढ़कर 32.27 अरब डॉलर पर पहुंच गया। इंजीनियरिंग, पेट्रोलियम उत्पाद तथा रत्न एवं आभूषण जैसे क्षेत्रों के अच्छे प्रदर्शन की वजह से निर्यात का आंकड़ा बढ़ा है। इस दौरान व्यापार घाटा बढ़कर 6.28 अरब डॉलर पर पहुंच गया।

पिछले साल मई में निर्यात 19 अरब डॉलर रहा था, जबकि मई, 2019 में निर्यात 29.85 अरब डॉलर पर था।

मंगलवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार मई में आयात भी 73.64 प्रतिशत बढ़कर 38.55 अरब डॉलर पर पहुंच गया, जो एक साल पहले समान महीने में 22.2 अरब डॉलर रहा था। इस तरह व्यापार घाटा बढ़कर 6.28 अरब डॉलर पर पहुंच गया।

मई, 2019 में आयात 46.68 अरब डॉलर रहा था। मई, 2020 में व्यापार घाटा 3.15 अरब डॉलर था।

चालू वित्त वर्ष के पहले दो माह अप्रैल-मई में निर्यात दोगुना से अधिक होकर 62.89 अरब डॉलर पर पहुंच गया, जो एक साल पहले समान महीनों में 29.41 अरब डॉलर रहा था।

अप्रैल-मई, 2021 के दौरान आयात 84.27 अरब डॉलर रहा, जो इससे पिछले साल की समान अवधि में 39.32 अरब डॉलर था। वित्त वर्ष के पहले दो माह में व्यापार घाटा 21.38 अरब डॉलर रहा, जो इससे पिछले साल की समान अवधि में 9.91 अरब डॉलर था।

मई, 2021 में तेल आयात बढ़कर 9.45 अरब डॉलर पर पहुंच गया, जो पिछले साल इसी महीने 3.49 अरब डॉलर था।

सोने का आयात बढ़कर 67.9 करोड़ डॉलर पर पहुंच गया, जो मई, 2020 में 7.63 करोड़ डॉलर था।

मई में इंजीनियरिंग, पेट्रोलियम उत्पादों तथा रत्न एवं आभूषणों का निर्यात क्रमश: 8.64 अरब डॉलर, 5.33 अरब डॉलर और 2.96 अरब डॉलर रहा।

मई में जिन अन्य उत्पादों का निर्यात सकारात्मक रहा उनमें हस्तशिल्प, चमड़ा, मीट, डेयरी और पॉल्ट्री उत्पाद, हथकरघा, सिलेसिलाए परिधान, कालीन, काजू, समुद्री उत्पाद, लौह अयस्क, प्लास्टिक और रसायन शामिल हैं।

वहीं इस दौरान फलों और सब्जियों, तिलहन, फार्मास्युटिल्स, चाय और मसालों के निर्यात में गिरावट आई।

निर्यातकों के संगठन फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन (फियो) के अध्यक्ष एस के सर्राफ ने कहा कि नए वित्त वर्ष के लगातार दूसरे महीने में निर्यात की प्रदर्शन अच्छा रहा है। यह निर्यातक समुदाय की जुझारू क्षमता को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि सरकार को कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों मसलन निर्यात को प्राथमिकता वाले क्षेत्र का दर्जा, ब्याज इक्विलाइजेशन योजना को जून 2021 से आगे बढ़ाकर कम से कम मार्च, 2024 तक करना चाहिए।

इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा कि राज्य स्तर के अंकुश बढ़ने की वजह से कच्चे तेल और सोने का आयात घटा है। इसे मई, 2021 में व्यापार घाटा आठ माह के निचले स्तर पर आ गया है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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