हिमाचल प्रदेश को अपने कब्जे में रखने के लिए भाजपा ने पूरा प्रयास किया लेकिन मतदाताओं ने उसे ठुकरा दिया। हिमाचल प्रदेश भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा का गृह राज्य है। भाजपा ने मई महीने से ही वहां पर तमाम परियोजनाओं के साथ लोगों को रिझाने का प
...
उत्तर प्रदेश के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग के सचिव आशीष तिवारी का कहना है कि आज हम न सिर्फ पाॅल्यूशन सोर्सेज का पता लगा पा रहे हैं, बल्कि पाॅल्यूशन डाटा की माइक्रो लेवल एनालिसिस भी कर पा रहे हैं।
...
ऐसे में भाजपा के पास खुश होने का एक और कारण है कि दिल्ली में आप की जीत हुई और हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की लेकिन 2024 के लोकसभा चुनावों में सामूहिक रूप से मुकाबला करने के लिए विपक्षी दलों के बीच एकता नहीं है।
...
आपको बता दें कि 27 सालों से गुजरात की सत्ता में काबिज होने के बावजूद और पिछली बार 100 से भी कम सीटों में पहुंच जाने के बाद भाजपा ने गुजरात में जो अकल्पनीय प्रचंड बहुमत हासिल किया है, ऐसे में इस जीत का तो मजाक में भी भाजपाइयों ने दावा नहीं किया था।
...
गुजरात और हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनाव के परिणामों को दोनों जगह स्वाभाविक परिणाम रहे। गुजरात में भाजपा ने 1985 में कांग्रेस के माधव सिंह सोलंकी द्वारा जीत के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा तो उसके पीछे भी भाजपा भी थी और हिमाचल में भाजपा हारी तो उसके पीछे भ
...
गुजरात में भाजपा ने इतिहास रचा तो कांग्रेस ने हिमाचल प्रदेश में रिवाज को बरकरार रखने में कामयाब हासिल की। दिल्ली एमसीडी चुनाव में आप आदमी पार्टी ने जीत हासिल की। ऐसे में तीनों पार्टियों के लिए खुश होने की वजह है, साथ ही इनके लिे सबक भी हैं।
...
गुजरात विधानसभा चुनाव में अगर भाजपा ने शानदार जीत दर्ज न की होती या चुनाव कांटे का होता तो दिल्ली एमसीडी और हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा की हार का मुद्दा उभर सकता था और 2024 में लोकसभा चुनाव को भी प्रभावित कर सकता था।
...
कांग्रेस की स्थिति को इस चुनाव ने इतना बुरा कर डाला है कि अगले चुनाव में यदि आप उसे और ज्यादा नुकसान पहुंचाए तो आश्चर्य नहीं होना चाहिए। दरअसल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का भरोसा इतना टूट गया है कि अब कोई भी संगठनात्मक स्तर पर मेहनत करने को ही तैयार नह
...
गुजरात विधानसभा चुनाव में भाजपा ने सबसे बड़ी जीत का रिकॉर्ड बना दिया है. भाजपा की इस बड़ी जीत पर पत्रकार पुण्यप्रसून वाजपेयी क्या कहते हैं, पढ़ें उनका लेख-
...
आपको बता दें कि नई दिल्ली में कल पांचों मध्य एशियाई राष्ट्र जिसमें तुर्कमेनिस्तान, कजाकिस्तान, उजबेकिस्तान, ताजिकिस्तान और किर्गिजस्तान भी शामिल है, उनके सुरक्षा सलाहकारों का पहला सम्मेलन आयोजित किया गया था।
...