कॉल सेंटर से 132 अरेस्ट, 1.07 करोड़ रुपये, 98 लैपटॉप, 229 मोबाइल और 19 वाहन बरामद, 300 से अधिक बैंक खातों से लेन-देन पर रोक, सबसे बड़े साइबर धोखाधड़ी गिरोह का भंडाफोड़
By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: May 15, 2026 19:46 IST2026-05-15T19:45:59+5:302026-05-15T19:46:49+5:30
लुधियाना के साइबर अपराध पुलिस थाने में बीएनएस की विभिन्न धाराओं और आयकर अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है।

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लुधियाना: लुधियाना पुलिस ने शुक्रवार को शहर में अब तक के सबसे बड़े साइबर धोखाधड़ी गिरोह का भंडाफोड़ करने का दावा किया है, जिसमें फर्जी कॉल सेंटर चलाने में कथित तौर पर शामिल 132 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह पॉप-अप स्कैम, दूर बैठे कंप्यूटर तक पहुंच हासिल कर धोखाधड़ी और फर्जी बैंक सुरक्षा अलर्ट के माध्यम से विदेशी नागरिकों को निशाना बनाता था।
पुलिस आयुक्त स्वप्न शर्मा ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि इस गिरोह के बारे में विश्वसनीय खुफिया जानकारी के आधार पर हाल ही में संधू टॉवर और सिल्वर ओक के पास स्थित व्यावसायिक परिसरों सहित कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की गई। उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान विभिन्न अवैध कॉल सेंटर से कुल 132 लोगों को पकड़ा गया।
यह गिरोह परिष्कृत ऑनलाइन धोखाधड़ी और वित्तीय घोटालों के माध्यम से विदेशी नागरिकों को निशाना बना रहा था। उन्होंने बताया कि 1.07 करोड़ रुपये, 98 लैपटॉप, 229 मोबाइल फोन और 19 वाहन बरामद किए गए हैं। 300 से अधिक बैंक खातों से लेन-देन पर रोक लगाई गयी है और कई अन्य खातों के लिये यह प्रक्रिया जारी है।
आयकर अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है और वे जांच में शामिल हो गए हैं। लुधियाना के साइबर अपराध पुलिस थाने में बीएनएस की विभिन्न धाराओं और आयकर अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि मामले में आगे की जांच जारी है।