यह इक्कीसवीं सदी के भारत के एक गांव की तस्वीर है। यह उसी तमिलनाडु की घटना है जहां एक सदी पहले पेरियार ने मनुष्य की गरिमा का सवाल उठाया था और कहा था कि वह हर व्यक्ति के मनुष्य होने पर गर्व करने का अधिकार दिलाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
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ऐसे में विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, विश्वभर में करीब 3.9 करोड़ लोग ऐसे हैं, जो देख नहीं सकते जबकि 25.3 करोड़ लोगों में कोई न कोई दृष्टि विकार है। इनमें से करीब 10 करोड़ लोगों को नजर की ऐसी कमजोरी अथवा विकलांगता है, जिसे रोका जा सकता था या उन पर
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दिल्ली, मुंबई तथा कई अन्य शहरों और गांवों में जैन-समाज सड़कों पर उतर आया है। वह श्री सम्मेद शिखरजी को पर्यटन केंद्र बनाने की घोषणा को निरस्त करने की मांग कर रहा है। उनकी यह मांग बिल्कुल जायज है। मुस्लिम नेता असदुद्दीन ओवैसी ने भी इस मांग का समर्थन किय
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कोरोना केवल एक बीमारी नहीं है। यह अपने साथ आर्थिक- सामाजिक-सांस्कृतिक समस्याएं लेकर आता है। निश्चित रूप से आम लोग ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं कि फिर कोरोना की त्रासदी हमारे देश में न आए। पिछली लहर को आधार बनाकर गलत आंकड़े, गलत तथ्य प्रस्तुत करने के
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18 बरस पहले लखनऊ में भाजपा के नेता लालजी टंडन के जन्मदिन पर भी ऐसी ही भगदड़ मची थी। उस कार्यक्रम में नेताजी महिलाओं को साड़ियां बांट रहे थे। इस भगदड़ में 21 जानें चली गई थीं। मरने वालों में अधिकतर महिलाएं और बच्चे थे। इस हादसे ने उस समय पूरे देश को ह
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अब जी-20 की अध्यक्षता से भारतीय अर्थव्यवस्था और तेजी से आगे बढ़ते हुए दिखाई देगी। यह उम्मीद की जा सकती है कि जी-20 की अध्यक्षता भारत के लिए दुनिया का नया आर्थिक सिरमौर बनने का अभूतपूर्व मौका सिद्ध होगी।
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भविष्य हमेशा पर्दे के पीछे रहता है. इसलिए भी अज्ञात और अनागत का आकर्षण सदैव बना रहता है. उससे मिलने या रूबरू होने का अनुभव उत्साह और उत्सव का क्षण बन जाता है.
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हमें लगातार जख्म देने वाला पड़ोसी पाकिस्तान इस वक्त खतरनाक मोड़ पर खड़ा है लेकिन यह हमारे खुश होने की वजह नहीं है. यह पूरी दुनिया के लिए चिंता का सबब है कि तालिबान की तरह किसी दिन तहरीक-ए-तालिबान ने यदि पाकिस्तान पर कब्जा कर लिया तो क्या होगा? सवाल ख
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मुख्यमंत्री ने समृद्धि महामार्ग के बाद अब विदर्भ-मराठवाड़ा-पश्चिम महाराष्ट्र से गोवा तक नया एक्सप्रेस महामार्ग बनाए जाने की घोषणा की। जहां तक किसानों की बात है, उन्हें हर हाल में नुकसान उठाना पड़ता है।
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लगभग 30 करोड़ लोग इसी कारण वोट डालने से वंचित रह जाते हैं। भारत के लोग केरल से कश्मीर तक मुक्त रूप से आते-जाते हैं और एक-दूसरे के प्रांत में रहते भी हैं। जरा सोचिए कि कोई मलयाली आदमी सिर्फ वोट डालने के लिए कश्मीर से केरल क्यों जाएगा?
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