लाइव न्यूज़ :

जी-20 अध्यक्षताः भारत के लिए दुनिया का नया आर्थिक सिरमौर बनने का अभूतपूर्व मौका

By डॉ जयंती लाल भण्डारी | Updated: January 2, 2023 12:07 IST

अब जी-20 की अध्यक्षता से भारतीय अर्थव्यवस्था और तेजी से आगे बढ़ते हुए दिखाई देगी। यह उम्मीद की जा सकती है कि जी-20 की अध्यक्षता भारत के लिए दुनिया का नया आर्थिक सिरमौर बनने का अभूतपूर्व मौका सिद्ध होगी।

Open in App

वर्ष 2023 और आगामी वर्षों में भारत के विकास की नई आर्थिक उम्मीदें उभरकर दिखाई दे रही हैं। इस समय भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, अब जी-20 की अध्यक्षता से भारतीय अर्थव्यवस्था और तेजी से आगे बढ़ते हुए दिखाई देगी। यह उम्मीद की जा सकती है कि जी-20 की अध्यक्षता भारत के लिए दुनिया का नया आर्थिक सिरमौर बनने का अभूतपूर्व मौका सिद्ध होगी।

जहां भारत जी-20 की अध्यक्षता के दौरान समग्र मानवता के कल्याण के लिए मानसिकता में मूलभूत बदलाव लाने का प्रयास करेगा, वहीं दुनिया सबसे तेजी से बढ़ती भारतीय अर्थव्यवस्था को नजदीक से देख पाएगी। वस्तुतः वर्ष 2023 में देश के 50 से अधिक शहरों में जी-20 के विभिन्न कार्य समूहों की 200 से अधिक बैठकों के दौरान इस संगठन के प्रतिनिधियों और दुनिया के मीडिया से जुड़े प्रभावी लोगों को भारतीय संस्कृति के विभिन्न विशिष्ट रंगों और नए सामर्थ्यवान भारत को देखने व भारत की उपलब्धियों को अनुभव करने का एक अभूतपूर्व अवसर होगा। इस परिप्रेक्ष्य में तीन दिसंबर को गूगल और अल्फाबेट के सीईओ और प्रभावशाली भारतीय अमेरिकी सुंदर पिचाई ने कहा कि जी-20 की अध्यक्षता से भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

वस्तुतः आगामी वर्ष 2023 में भारत के द्वारा जी-20 देशों की मेजबानी के बीच दुनिया यह देख पाएगी कि वैश्विक आर्थिक संकट और मंदी की चुनौतियों के बीच भारत किस तरह सबसे तेज गति से आगे बढ़ रहा है। दुनिया यह देख पाएगी कि भारतीय घरेलू बाजार और अर्थव्यवस्था की बुनियाद मजबूत है। भारत दुनिया में सबसे तेज डिजिटलीकरण वाला देश भी है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के मुताबिक वित्त वर्ष 2022-23 में भारत की विकास दर करीब 6.8 फीसदी होगी, जो दुनिया की सर्वाधिक विकास दर होगी। देश में इस समय 100 से अधिक यूनिकॉर्न हैं। 560 अरब डॉलर से अधिक का विदेशी मुद्रा भंडार है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) का कहना है कि भारत के लिए डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) योजना एक चमत्कार की तरह है और डिजिटलीकरण भारतीय अर्थव्यवस्था में गेमचेंजर बन गया है। जी-20 समिट के दौरान ये सारी उपलब्धियां दुनिया में प्रचारित-प्रसारित होती दिखाई देंगी।

गौरतलब है कि 29 नवंबर को ब्रिटेन के नए भारतवंशी प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने कहा था कि चीन के साथ दुनिया का तथाकथित स्वर्ण काल समाप्त हो गया है और ब्रिटेन अब भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौते को शीघ्र आकार देगा। ब्रिटेन की तरह दुनिया के अनेक देशों की भारत के प्रति आर्थिक सकारात्मक टिप्पणियां आए दिन दिखाई दे रही हैं।

टॅग्स :जी20इकॉनोमी
Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारतेज आर्थिक विकास के साथ उन्नत परमाणु हथियारों से सुसज्जित मजबूत सैन्य शक्ति बनने की आवश्यकता

कारोबारStock Market: 1600 अंक गिरा बाजार?, होर्मुज को लेकर अनिश्चितता, रुपया 41 पैसे टूटकर सर्वकालिक निचले स्तर 93.94 प्रति डॉलर पर

कारोबारब्रिटेन की बादशाहत क्यों याद आ गई?, लेकिन जंग की सनक ले डूबी

कारोबारडूबते डेल्टा और संकट में देश का भविष्य?, देश की खाद्य सुरक्षा और अर्थव्यवस्था की रीढ़

कारोबारअर्थव्यवस्था 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ी, देश की रफ्तार तेज

भारत अधिक खबरें

भारतसंसद में तीखी बहस के बीच महिला आरक्षण को मिली हरी झंडी, देशभर में जमीनी स्तर पर कानून लागू

भारतऐसे तो उद्योगों का भला नहीं होने वाला है...!  

भारतNari Shakti Vandan Adhiniyam: महिलाएं राजनीति में सुधार ला सकेंगी?

भारतNari Shakti Vandan Adhiniyam: समावेशी लोकतंत्र की निर्णायक दिशा में कदम

भारतदक्षिण भारत के 5 राज्य में अभी 129 सांसद और परिसीमन के बाद होंगे 195?, कर्नाटक में 42,आंध्र प्रदेश में 38, तेलंगाना में 26, तमिलनाडु में 59 और केरल में 30?, अमित शाह ने समझाया गणित?