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ब्लॉग: पर्यावरण को स्वच्छ बनाने की दिशा में बड़ा कदम

By लोकमत समाचार सम्पादकीय | Updated: January 24, 2024 11:25 IST

ऐसे समय में, जबकि बढ़ते पर्यावरण प्रदूषण के बीच दुनियाभर में हरित ऊर्जा की ओर बढ़ने की अधिकाधिक जरूरत महसूस की जा रही है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक करोड़ घरों की छतों (रूफटॉप) पर सोलर पैनल लगाए जाने की घोषणा निश्चित रूप से एक प्रशंसनीय कदम है।

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ठळक मुद्देबढ़ते प्रदूषण के बीच हरित ऊर्जा की ओर बढ़ने की अधिकाधिक जरूरत महसूस की जा रही हैप्रधानमंत्री की 1 करोड़ घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाए जाने की घोषणा प्रशंसनीय कदम हैअयोध्या से लौटने के बाद पीएम ने कहा कि केंद्र सरकार प्रधानमंत्री सूर्योदय योजना आरंभ करेगी

ऐसे समय में, जबकि बढ़ते पर्यावरण प्रदूषण के बीच दुनियाभर में हरित ऊर्जा की ओर बढ़ने की अधिकाधिक जरूरत महसूस की जा रही है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक करोड़ घरों की छतों (रूफटॉप) पर सोलर पैनल लगाए जाने की घोषणा निश्चित रूप से एक प्रशंसनीय कदम है। सोमवार को अयोध्या से लौटने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने नई दिल्ली में कहा कि केंद्र सरकार प्रधानमंत्री सूर्योदय योजना आरंभ करेगी। 

अयोध्या में भव्य राम मंदिर में रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा से इस योजना को जोड़ते हुए मोदी ने कहा, "सूर्यवंशी भगवान राम के आलोक से विश्व के सभी भक्तगण सदैव ऊर्जा प्राप्त करते हैं। आज अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा के शुभ अवसर पर मेरा ये संकल्प और प्रशस्त हुआ है कि भारतवासियों के घरों की छतों पर उनका अपना सोलर रूफटॉप सिस्टम हो।" दरअसल धार्मिक कार्यों को सामाजिक भलाई के कार्यों से जोड़ने की परंपरा प्राचीन काल से ही भारत की विशेषता रही है। 

तुलसी या पीपल को पूजने के पीछे जहां पर्यावरण संरक्षण का दृष्टिकोण था, वहीं गोवंश को पूजनीय मानने के पीछे कृषि के संवर्धन का प्रयास था। भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान बाल गंगाधर तिलक द्वारा आरंभ किया गया गणेशोत्सव राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बन गया था।

इस कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भगवान राम से सौर ऊर्जा को जोड़ते हुए इसे बढ़ावा देने का प्रयास एक अच्छी पहल है। सरकार ने पहले ही देश की नवीकरणीय ऊर्जा की स्थापित क्षमता को वर्ष 2030 तक 500 गीगावॉट तक विस्तारित करने का लक्ष्य निर्धारित कर रखा है, लेकिन इस लक्ष्य को निर्धारित समय से पहले ही हासिल कर लिए जाने की उम्मीद व्यक्त की जा रही है। 

पिछले साल सितंबर में केंद्रीय बिजली और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री आर. के. सिंह ने कहा था कि अगर भारत ने कोविड-19 के कारण दो साल नहीं गंवाए होते तो अब तक नवीकरणीय ऊर्जा से 50 प्रतिशत बिजली उत्पादन की क्षमता हासिल कर ली होती।

उन्होंने बताया था कि भारत में 424 गीगावॉट बिजली उत्पादन क्षमता है जिसमें गैर-जीवाश्म ईंधन से लगभग 180 गीगावॉट शामिल है और अन्य 88 गीगावॉट पर काम चल रहा है। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस तरह से प्रधानमंत्री सूर्योदय योजना आरंभ किए जाने की घोषणा की है, उससे उम्मीद की जा सकती है कि हरित ऊर्जा के क्षेत्र में हम और भी तेजी से आगे बढ़ेंगे और देश-दुनिया से प्रदूषण को मिटाने में सहायक बनेंगे।

टॅग्स :हरित ऊर्जाEnergy Departmentभारत
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