लाइव न्यूज़ :

चीन की बढ़ती आक्रामकता के दौरान भारत के साथ खड़ा रहा अमेरिका : व्हाइट हाउस के अधिकारी

By भाषा | Updated: December 17, 2020 13:14 IST

Open in App

(ललित के झा)

वाशिंगटन, 17 दिसंबर व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने हांगकांग, ताइवान, दक्षिण चीन सागर और भारत-चीन सीमा समेत दुनिया के अन्य हिस्सों में चीन की बढ़ती आक्रामकता पर चिंता जतायी है। उन्होंने कहा कि बीजिंग के साथ सैन्य गतिरोध के दौरान अमेरिका नयी दिल्ली के साथ खड़ा रहा।

पहचान जाहिर नहीं करने का अनुरोध करते हुए अधिकारी ने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने कार्यकाल के दौरान अमेरिका-भारत सुरक्षा के सभी पहलुओं और रक्षा सहयोग को मजबूत किया।

व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने पीटीआई से कहा, ‘‘हांगकांग, ताइवान, दक्षिण चीन सागर और भारत-चीन सीमा समेत दुनिया के अन्य हिस्सों में चीन की बढ़ती आक्रामकता पर हम बहुत चिंतित हैं।’’

अधिकारी ने कहा, ‘‘पिछले छह-सात महीने से सीमा पर चीन के आक्रामक रवैये के दौरान हम भारत के साथ खड़े रहे। हमने उन्हें (भारत को) साजो सामान मुहैया कराए हैं। हम भारत के साथ बातचीत कर रहे हैं, चीन के सामने खड़ा होने के लिए हमने भारत को नैतिक समर्थन दिया है और सुनिश्चित किया है कि हालात का शांतिपूर्ण तरीके से समाधान हो।’’

मई की शुरुआत से ही भारत और चीन की सेनाओं के बीच पूर्वी लद्दाख में सीमा पर गतिरोध चल रहा है। दोनों पक्षों के बीच सैन्य और राजनयिक स्तर पर कई चरण की वार्ता हुई है। हालांकि अब तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है।

अधिकारी ने कहा कि ट्रंप के कार्यकाल के दौरान अमेरिका, भारत को हथियार की आपूर्ति करने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश बन गया है।

अधिकारी ने कहा कि चीन के साथ सीमा पर गतिरोध के दौरान भारत के समर्थन में अमेरिका ने दो एमक्यू-9 (मानवरहित ड्रोन) भी पट्टे पर मुहैया कराए और इसकी बिक्री को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है।

प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अमेरिका, वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास भारतीय सेना को ठंड के अनुकूल पोशाक एवं आवश्यक सामग्री मुहैया कराएगा।

अधिकारी ने कहा, ‘‘अमेरिका ने देश हित को देखते हुए कुछ अपवादों को छोड़कर जनवरी 2018 में पाकिस्तान को सुरक्षा मद में दी जाने वाली आर्थिक मदद रोक दी। अफगानिस्तान शांति प्रक्रिया में पाकिस्तान से हमें सहयोग भी मिल रहा है। हम लोग पाकिस्तान के साथ काम करते रहेंगे। हमें आशा है कि तालिबान के साथ वार्ता में पाकिस्तान मदद करता रहेगा।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

क्रिकेटगुजरात टाइटंस की पहली जीत?, दिल्ली कैपिटल्स को 1 रन से हराया, बटलर, गिल और सुंदर ने 104 गेंद में कूटे 177 रन, 12 छक्के-13 चौके

विश्वलेबनान में इजरायली हमला, 254 लोगों की मौत और 700 घायल, युद्धविराम के बावजूद अटैक जारी?

भारतनारी शक्ति वंदन अधिनियमः 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित और 2029 के आम चुनाव में लागू?, लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 816, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दी मंजूरी

क्रिकेटलखनऊ सुपर जाइंट्स के खिलाफ गेंदबाजी करेंगे कैमरन ग्रीन, डीसी के खिलाफ 11 अप्रैल को खेलेंगे ब्रेविस?

भारतरेलवे में 8.85 प्रतिशत लोको पायलट ने लगातार 12 घंटे से अधिक काम किया?, रेलवे संघ ने कहा-46.96 प्रतिशत ने 9 घंटे शिफ्ट किए?

विश्व अधिक खबरें

विश्वइजरायल ने किया अमेरिका के सीजफायर का समर्थन, मगर हिजबुल्लाह के खिलाफ जंग रहेगी जारी

विश्वझुके ट्रंप? अमेरिका के 2 हफ्तों के युद्धविराम को ईरान ने बताया ऐतिहासिक जीत, कही ये बात

विश्वइस ड्रोन और उस ड्रोन में कितना फर्क है...!

विश्वहोर्मुज जलडमरूमध्य खोलने पर सहमत ईरान?, 14 दिन बमबारी और हमले रोकने को तैयार राष्ट्रपति ट्रंप?, पाकिस्तान के पीएम शरीफ क्या बोले?

विश्व'हम नए लॉन्च प्लेटफॉर्म्स के साथ अपने हमले दोगुने कर देंगे': ट्रंप की धमकी के बाद ईरान का जवाब