भारतीय संसद (राज्य सभा और लोक सभा) की हर साल होने वाली तीन बैठकों को संसद सत्र कहते हैं। इन सत्रों में सभी विधायी कार्य पूरे किये जाते हैं। भारतीय संविधान के अनुसार संसद के दो सत्रों के बीच छह महीने से ज्यादा अंतराल नहीं होना चाहिए। इस वजह से हर साल संसद के कम से कम दो सत्र जरूर आयोजित होते हैं।संसद का बज़ट सत्र फ़रवरी से मई के बीच आहुत होता है। संसद का मॉनसून सत्र जुलाई से सितम्बर के बीच आहुत होता है। संसद का शीतकालीन सत्र नवंबर से दिसंबर के बीच आयोजित होता है। बज़ट सत्र के दौरान भारत सरकार अपना सालाना या अंतरिम बज़ट पेश करती है। इस बज़ट में सरकार वार्षिक आय और व्यय का लेखा-जोखा पेश करती है। Read More
ईरान और अमेरिका-इजराइल के युद्ध के कारण देश में होर्मुज जलडमरुमध्य में बने प्रतिकूल हालात का जिक्र करते हुए पुरी ने लोकसभा में कहा कि पश्चिम एशिया के संघर्ष में कोई भूमिका नहीं होने के बावजूद भारत को परिणामों से पार पाना होगा। ...
आपने देखा कि वे हमारे स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाए और अंत में नाटक करने के बाद भाग गए। उनके पास अविश्वास प्रस्ताव को आगे बढ़ाने या मत विभाजन कराने का साहस नहीं था। ...
जब रूस, अमेरिका और चीन मिलकर भारत का बहिष्कार करेंगे, या भारत पर हमला करेंगे, तो उनके दिल को तसल्ली मिलेगी क्योंकि जॉर्ज सोरोस का भारत को तोड़ने का एजेंडा कामयाब हो जाएगा। ...
शिष्टाचार क्या होता है... सुन लो राहुल गांधी जी! या फिर अपने सीनियर नेताओं से सीखो। राहुल गांधी जी ध्यान से सुन लो। सदन मार्केट नहीं है, लोकसभा है। यहां बहस के विषय पहले से तय होते हैं। ...
"सुनो, अब सुनना पड़ेगा," केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुस्से में कहा, जब विपक्षी सांसदों ने विरोध किया जिस दौरान वे 15वीं से 17वीं लोकसभा तक लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की अटेंडेंस शीट पढ़ रहे थे। ...
अमित शाह ने राहुल गांधी की आलोचना करते हुए कहा कि संसद में उपस्थिति के अब तक के सबसे निचले स्तर का है और कांग्रेस सांसद सदन से "भाग जाना" पसंद करते हैं। ...
सदन भारत के लोगों की अभिव्यक्ति है। यह किसी एक पार्टी को नहीं, बल्कि पूरे देश को रिप्रेजेंट करता है। हर बार जब हम बोलने के लिए उठते हैं, तो हमें बोलने से रोक दिया जाता है। ...