पशुपति कुमार पारस के हाजीपुर से सांसद बनने के बाद यह विभाग खाली हो गया था. इसके अलावा जय कुमार सिंह से उद्योग विभाग का प्रभार ले लिया गया है. अब उनके पास सिर्फ विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग ही बच गया है. ...
पिछले शुक्रवार को के. कस्तूरीरंगन समिति ने नई शिक्षा नीति का मसौदा सरकार को सौंपा था । इसके तहत नई शिक्षा नीति में तीन भाषा प्रणाली को लेकर केंद्र के प्रस्ताव पर हंगामा मचना शुरू हो गया है। ...
नीतीश कुमार ने भी मंत्रिमंडल विस्तार में बीजेपी के किसी सदस्य को जगह नहीं दी है। विधानसभा चुनाव 2020 में होने हैं और इससे पहले नीतीश ने जातीय समीकरण को साधने का भरसक प्रयास किया है। ...
केंद्रीय गृह सचिव राजीव गौबा को पी के सिन्हा के स्थान पर अगला कैबिनेट सचिव नियुक्त किया जा सकता है। कैबिनेट सचिव का पद देश की नौकरशाही में शीर्ष पद है। ...
उन्हें डीलिट की यह मानद डिग्री श्रीलंका के ओपन इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी ने 1990 के दौर में साहित्य में योगदान के लिए मिली थी लेकिन असलियत में निशंक को जिस विश्वविद्यालय से यह डिग्री मिली है वो अस्तित्व में ही नहीं है. ...
पूंजीवाद की अर्थव्यवस्था में किसी देश की आर्थिक स्थिति को मापने के कई पैमाने होते हैं. इनमें एक है शेयर बाजार. हालांकि आजकल शेयर बाजार इतना ज्यादा संवेदनशील हो गया है कि सुदूर अमेरिका में कोई घटना इसमें उथल-पुथल मचा सकती है और उससे उबरने के लिए वित्त ...
सत्ता दुबारा ज्यादा मजबूती से आई है, इकोनॉमी कहीं ज्यादा कमजोर हुई है. राजनीतिक दलों से गठबंधन मजबूत हुआ है लेकिन समाज के भीतर दरारें साफ दिखाई देने लगी हैं. लेकिन अब कुछ भी चौंकाता नहीं है क्योंकि जनादेश तले ही अब देश की व्याख्या की जा रही है. ...
इस चुनाव के दो प्रमुख निष्कर्ष हैं. पहला यह है कि वंशवादी राजनीति के सामने एक बड़ी चुनौती उठ खड़ी हुई है. राजनीतिक युद्ध क्षेत्र में इस बार कई वंशवादी योद्धा धराशायी हुए हैं. सबसे ज्यादा झटका मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस को लगा है, जहां गांधी परिवार के ...