नए बजट के तहत आयकर की नई छूटों, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, छोटे उद्योग व जनकल्याणकारी योजनाओं से करोड़ों लोगों को लाभान्वित करके जहां आर्थिक सुस्ती का मुकाबला किया जा सकेगा, वहीं विकास दर बढ़ाई जा सकेगी. लेकिन नए बजट की सबसे बड़ी चुनौती वर्ष 2020-21 मे ...
भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) इस कोष का परिचालन करने वाली एजेंसी है। 2019-20 के संशोधित अनुमान में एफएफएस के लिए आवंटन 431.30 करोड़ रुपये था। ...
पूरे बजट में किसानों, उद्यमियों व कर-दाताओं को सम्मान देने आदि की बातें तो जरूर हुईं लेकिन कोई क्रांतिकारी तड़प देश को आर्थिक मंदी से निकालने की नहीं पाई गई. ...
अपने बजट भाषण में सीतारमण ने कहा कि भारतीय रेलवे निजी सार्वजनिक साझेदारी (पीपीपी) के माध्यम से किसान रेल शुरू करेगी जिसमें जल्द खराब हो जाने वाली कृषि उपज के लिए रेफ्रीजेरेटेड डिब्बे होंगे। ...
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी. एस. येदियुरप्पा एवं गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि बजट से नौकरियों के सृजन, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने और विकास के लिए ...
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा शनिवार को संसद में पेश किए गए बजट 2020-21 में आवंटित कुल राशि में 8019.83 रुपये राजस्व श्रेणी के लिए आवंटित किए, जिनमें प्रशासनिक श्रेणी, सड़क सुरक्षा प्रकोष्ठ और पुनर्विकास एवं संचार नेटवर्क शामिल हैं। ...
पिछले बजट में वित्त मंत्नी ने साफ संकेत दिया था कि भारतीय रेल जिन गंभीर चुनौतियों से जूझ रही है, उसे दूर करने के लिए 2030 तक करीब 50 लाख करोड़ रु. की दरकार है. लेकिन इसका खास रास्ता पीपीपी होगा, इसका संकेत इस बजट से साफ दिख रहा है. ...
मैं ये नहीं कह रहा हूं कि सड़कों में निवेश ठीक नहीं है. मैं यह कह रहा हूं कि जो इस समय रोजगार उपलब्ध कराने की प्राथमिकता है उसके लिए आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस और पंचायतों तक ब्रॉडबैंड पहुंचाने में बहुत अधिक रकम आवंटित की जानी चाहिए थी. ...