हिंदी भारत की राजभाषा है। यह दुनिया की सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषाओं में एक है। हिंदी भाषा-साहित्य का इतिहास करीब एक हजार साल पुराना है। हिंदी भारोपीय भाषा परिवार का सदस्य है। विद्वान मानते हैं कि इसका उद्भव प्राकृत के शौरसेनी अपभ्रंश से हुआ है। इसे हिंदवी, हिंदी, भाखा, रेख्ता, हिंदुस्तानी और उर्दू नाम से भी जाना जाता रहा है। हिंदी देवनागरी, कैथी, नस्तालिक और रोमन लिपियों में लिखी जाती है। Read More
कोरोना काल में केंद्र सरकार ने गरीबों को मुफ्त अनाज देने की शुरुआत की। एक बड़ी शहरी आबादी इस योजना का उपहास की दृष्टि से देखती है। इस विषय पर पढ़ें रंगनाथ सिंह का ब्लॉग। ...
विनोद कुमार शुक्ल की मुक्ति-कामना के सन्दर्भ में आचार्य रामचंद्र शुक्ल द्वारा बहुप्रयुक्त जुमला 'लोकमंगल की भावना' और डॉ धर्मवीर द्वारा प्रयुक्त शब्द 'हिन्दी का जीनियस' पर एक फौरी विचार। ...
विनोद शुक्ल ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि मुझे अब तक मालूम नहीं हुआ था कि मैं ठगा रहा हूं। मेरी सबसे ज्यादा किताबें जो लोकप्रिय हैं, वो राजकमल और वाणी से प्रकाशित हुई हैं। अनुबंध पत्र कानून की भाषा में होती हैं, एकतरफा शर्तें होती हैं और किताबों को ...
बिलासपुर के गुरु घासीदास विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग प्रो. आलोक कुमार चक्रवाल का कविता पाठ हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीकांत वर्मा सृजन पीठ के अध्यक्ष श्री रामकुमार तिवारी ने की। ...
चन्नवीरा कानवी के अस्पताल में भर्ती होने के कुछ दिनों बाद, कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने घोषणा की थी कि सरकार उनके अस्पताल में भर्ती होने का खर्च उठाएगी और उन्हें सबसे अच्छा इलाज दिया जाएगा। ...
हम महाशक्तियों की तरह सुरक्षा परिषद में घुसने के लिए बेताब हैं लेकिन पहले उनकी भाषाओं के बराबर रुतबा तो हम हासिल करें। यह सराहनीय है कि अटलजी और नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र में अपने भाषण हिंदी में दिए। ...