हिंदी भारत की राजभाषा है। यह दुनिया की सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषाओं में एक है। हिंदी भाषा-साहित्य का इतिहास करीब एक हजार साल पुराना है। हिंदी भारोपीय भाषा परिवार का सदस्य है। विद्वान मानते हैं कि इसका उद्भव प्राकृत के शौरसेनी अपभ्रंश से हुआ है। इसे हिंदवी, हिंदी, भाखा, रेख्ता, हिंदुस्तानी और उर्दू नाम से भी जाना जाता रहा है। हिंदी देवनागरी, कैथी, नस्तालिक और रोमन लिपियों में लिखी जाती है। Read More
'महाभोज' और 'आपका बंटी' जैसी कालजयी रचनाओं की लेखिका मन्नू भंडारी नहीं रहीं। वह 90 साल की थीं। मन्नू भंडारी ने अपनी बेहतरीन कहानियों और उपन्यासों से हिंदी साहित्य को समृद्ध किया। ...
हजारीबाग: जाने-माने हिंदी साहित्यकार और वरिष्ठ कवि भारत यायावर का शुक्रवार को निधन हो गया। वे 66 साल के थे। फणीश्वरनाथ रेणु पर उनका शोध काफी चर्चा में रहा था। उन्होंने फणीश्वरनाथ रेणु की खोई हुई और दुर्लभ 8 पुस्तकों का संपादन भी किया था। इन्होंने हा ...
रामविलास शर्मा को समग्रता में देखा नहीं गया इससे उनके बारे में भ्रांति अधिक फैलाई गई और ऐसी छवि बनाई गई मानों वे ब्राह्मणवादी थे। उनका पाठ से अधिक कुपाठ किया गया। ...
हिंदी को भारत माँ की बिंदी के रूप में परिभाषित किया जाता है। हिंदी भाषा न सिर्फ हिंदुस्तान की पहचान है बल्कि यह हमारे जीवन मूल्यों, संस्कृति और संस्कारों की सच्ची संवाहक है। हिंदी के बिना हिंदुस्तान की कल्पना ही नहीं की जा सकती। यह दुनिया की तीसरी स ...
बाजार जहां हिंदी और भारतीय भाषाओं में विस्तार पा रहा है वहीं शिक्षा में भारतीय भाषाएं सिकुड़ती जा रही हैं. अब माध्यमिक और प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में भी हिंदी एवं अन्य भारतीय भाषाएं उपेक्षणीय हो गई हैं. ...
प्रेमचंद का जन्म 31 जुलाई 1880 को वाराणसी के लमही गाँव में हुआ था। एक दर्जन से ज्यादा उपन्यास और तीन सौ से ज्यादा कहानियाँ लिखने वाले प्रेमचंद को कथा सम्राट माना जाता है। प्रेमचंद का निधन अक्टूबर 1936 में हुआ। आज प्रेमचंद जयंती पर रंगनाथ सिंह बता रहे ...