अशोक गहलोत: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं। राजस्थान के मुख्यमंत्री रहे। 3 मई 1951 को जोधपुर में जन्मे अशोक गहलोत कांग्रेस की छात्र इकाई नेशनल स्टूडेंट यूनियन से जुड़कर अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी। छात्र राजनीति से गहलोत राजस्थान कांग्रेस में आए और पार्टी के प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष पद तक पहुंचे। गहलोत 1980 में पहली बार लोक सभा चुनाव जीतकर संसद पहुंचे। 1998 में वो पहली बार राजस्थान के मुख्यमंत्री बने थे। Read More
राजस्थान में हार के बाद कांग्रेस के अन्दर जो हलचल मची है, कोई उसे गुटबाजी के नजरिए से देख रहा है, तो कोई बदलाव की आहट मान रहा है, जबकि राजनीतिक जानकारों का मानना है कि हार के बाद ये सारी रस्मी गतिविधियां हैं, जो गुजरते समय के साथ ठंडी पड़ जाएंगी. ...
राजस्थान लोकसभा चुनावः राज्य की सभी 25 सीटों पर कांग्रेस पिछड़ गयी है। राज्य की 24 सीटों पर भाजपा व एक सीट पर उसके सहयोगी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के प्रत्याशी ने निर्णायक बढ़त बना ली है। ...
Rajasthan Lok Sabha Election 2019: राजस्थान में लोकसभा चुनाव की सभी 25 सीटों पर इस बार लगभग 66 प्रतिशत मतदान हुआ। प्रदेश की सभी सीटों पर हुए मतदान की आज मतगणना की गई। यहां मुख्य रूप से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और कांग्रेस के बीच लड़ाई रही है। ...
सीएम अशोक गहलोत के पुत्र वैभव गहलोत के कारण जोधपुर, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के पुत्र दुष्यंत सिंह के कारण झालावाड़, तो बीजेपी के दिग्गज नेता रहे जसवंत सिंह के पुत्र मानवेंद्र सिंह के कारण बाड़मेर चर्चाओं में रहे हैं. ...
बहुमत के नजरिए से देखें तो इस वक्त कांग्रेस के पास 200 में से 100 विधानसभा सीटें हैं. यही नहीं, मायावती की बसपा का भी कांग्रेस को समर्थन प्राप्त है. ...
खेडपा थाना क्षेत्र के मैलाना गांव में चार साल की बच्ची सीमा सोमवार को लगभग 400 फुट गहरे बोरवेल गिर गई थी। थानाधिकारी केशाराम ने बताया कि तमाम प्रयासों के बावजूद बच्ची को बचाया नहीं जा सका। राजस्थान सरकार ने मुख्यमंत्री राहत कोष से बच्ची के परिवार को ...
Rajasthan Exit Polls: राजस्थान में लोकसभा की कुल 25 सीटें है। लोकसभा चुनाव 2014 में मोदी लहर में बीजेपी ने सभी सीटों पर जीत हासिल की थी। कांग्रेस का खाता भी नहीं खुला। ...
पीएम मोदी रविवार को बद्रीनाथ जाने वाले हैं। बद्रीनाथ उत्तराखंड के पवित्र चार धामों में शामिल एक अन्य तीर्थस्थल है। गहलोत ने बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं, अर्थव्यवस्था और विदेश नीति पर चुप रहने तथा इनकी जगह धर्म और राष्ट्रवाद जैसे मुद्दे उठाने को ले ...