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'बीएमसी चुनाव की तारीखें 2 हफ्ते में हो घोषित,बिना ओबीसी आरक्षण के होंगे चुनाव',SC का आदेश

By योगेश सोमकुंवर | Updated: May 4, 2022 15:57 IST

सुप्रीम कोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग को बिना ओबीसी आरक्षण के ही बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) और प्रदेश के दूसरे निकायों के लंबित चुनाव की तारीख 2 हफ्ते में घोषित करने का आदेश दिया है.

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ठळक मुद्देमहाराष्ट्र राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट SC ने की थी खारिजओबीसी आरक्षण के बगैर होंगे महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनाव2448 स्थानीय निकायों में होने है चुनाव

महाराष्ट्र की राजनीति में लाउडस्पीकर और हनुमान चालीसा को लेकर मचे बवाल के बीच अब स्थानीय निकाय चुनाव के मुद्दे पर राज्य की उद्धव ठाकरे सरकार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. सुप्रीम कोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग को बिना ओबीसी आरक्षण के ही बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) और प्रदेश के दूसरे निकायों के लंबित चुनाव की तारीख 2 हफ्ते में घोषित करने का आदेश दिया है.ओबीसी आरक्षण के बगैर होंगे महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनाव

सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद अब राज्य में ओबीसी आरक्षण के बगैर ही स्थानीय निकाय चुनाव होंगे. कोर्ट ने साफ किया कि ट्रिपल टेस्ट के बिना OBC को आरक्षण नहीं दिया जाएगा. सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया है कि राज्य में 2448 स्थानीय निकायों के चुनाव कराने की तैयारी करे.

राज्य सरकार ने स्थानीय निकायों में ओबीसी आरक्षण को मंजूरी मिलने के बाद ही चुनाव कराने की बात कही थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसे लेकर कहा कि इस आदेश की संवैधानिकता पर सुनवाई बाद में होगी.2448 स्थानीय निकायों में होने है चुनाव

महाराष्ट्र में 20 नगर निगम, 25 जिला परिषद, 285 पंचायत समितियों, 210 नगर परिषद और 2000 ग्राम पंचायतों में चुनाव होने है. जिन नगर निगमों में चुनाव होंगे उनमें मुंबई, पुणे, ठाणे, नासिक, नवी मुंबई, नागपुर, कोल्हापुर और सोलापुर समेत प्रमुख नगर निकाय शामिल हैं.महाराष्ट्र राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट SC ने की थी खारिज

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग (MSCBC) की रिपोर्ट को खारिज करते हुए स्थानीय निकाय चुनाव में ओबीसी आरक्षण पर रोक लगा दी थी. MSCBC ने अपनी रिपोर्ट में स्थानीय निकायों में 27 फीसदी OBC कोटा की सिफारिश की थी. कोर्ट ने कहा था कि यह रिपोर्ट आंकड़ों के अध्ययन और रिसर्च के बिना तैयार की गई थी. इसके बाद, महाराष्ट्र सरकार ने ओबीसी के राजनीतिक पिछड़ेपन पर रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी पूर्व मुख्य सचिव जयंत बनठिया की अध्यक्षता में 5 सदस्यीय समिति को सौंपी थी.

टॅग्स :महाराष्ट्रबृहन्मुंबई महानगरपालिकासुप्रीम कोर्टउद्धव ठाकरे
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