लाइव न्यूज़ :

India-Pakistan Tension: जम्मू-कश्मीर के जेलों में आतंकी हमले की साजिश; खुफिया विभाग ने किया अलर्ट; बढ़ाई गई सुरक्षा

By अंजली चौहान | Updated: May 5, 2025 11:11 IST

India-Pakistan Tension:खुफिया सूत्रों ने जम्मू-कश्मीर की उच्च सुरक्षा वाली जेलों में आतंकी हमले की आशंका जताते हुए आतंकी अलर्ट जारी किया है। यह अलर्ट पहलगाम आतंकी हमले के करीब दो हफ्ते बाद आया है।

Open in App

India-Pakistan Tension: दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमला करने के बाद अब जम्मू-कश्मीर की जेलों में हमले की साजिश का खुलासा हुआ है। खुफिया विभाग के सूत्रों द्वारा सोमवार को जानकारी सामने आई है जिसके अनुसार, आतंकी हाई प्रोफाइल आतंकियों वाली जेल में हमला कर सकते हैं। 

इस सूचना के सामने आने के बाद सुरक्षा बल अलर्ट हो गए हैं। सूत्रों ने संकेत दिया कि श्रीनगर सेंट्रल जेल और जम्मू की कोट भलवाल जेल उन जेलों में शामिल हैं, जहां आतंकी हमले का खतरा मंडरा रहा है। यह पहलगाम हमले के मामले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा भारतीय सेना के वाहन हमले के मामले में ओजीडब्ल्यू निसार और मुश्ताक से पूछताछ के बाद हुआ है। ये दोनों कोट भलवाल जेल में बंद हैं। खतरों के मद्देनजर डीजी सीआईएसएफ आरएस भट्टी ने रविवार को श्रीनगर में सुरक्षा ग्रिड के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात की।

गौरतलब है कि सीआईएसएफ ने अक्टूबर 2023 में सीआरपीएफ से जम्मू-कश्मीर की जेलों की सुरक्षा का जिम्मा संभाला था। बैठक को सुरक्षा को और मजबूत करने के खतरे के मद्देनजर देखा जा रहा है। जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों और उनके नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई के तहत अधिकारियों ने हाल ही में संदिग्धों और कई ओवर ग्राउंड वर्करों से पूछताछ की है। पहलगाम आतंकी हमले में शामिल संदिग्ध आतंकवादियों के घरों को भी ध्वस्त कर दिया गया है।

22 अप्रैल को पहलगाम के बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले में एक नेपाली नागरिक समेत 26 लोग मारे गए थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 19 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जम्मू-कश्मीर यात्रा के दौरान श्रीनगर और उसके आसपास आतंकी हमले की योजना बनाई गई थी। हालांकि, खराब मौसम के कारण उनकी यात्रा रद्द होने के बाद, आतंकवादियों ने पहलगाम में हमले की योजना बनाई।

उन्होंने कहा कि खुफिया सूत्रों ने श्रीनगर में हमले की चेतावनी दी थी, हालांकि, पहलगाम में संभावित हमले की कोई जानकारी नहीं थी। बैसरन में हुए आतंकी हमले के बाद, जिसके वीडियो ऑनलाइन सामने आए हैं, सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ कई गैर-सैन्य कदम उठाए हैं, जिसमें सिंधु जल संधि को निलंबित करना, भारत में रहने वाले सभी पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द करना और अटारी सीमा को बंद करना शामिल है।

बदले में, पाकिस्तान ने सभी भारतीय एयरलाइनों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया और भारत के साथ सभी समझौते तोड़ दिए।

दोनों देशों के बीच सीमा पर तनाव भी बना हुआ है, पाकिस्तान बार-बार संघर्ष विराम का उल्लंघन करता है और भारतीय सेना तेजी से जवाबी कार्रवाई करती है।

टॅग्स :जम्मू कश्मीरजेलआतंकी हमलाArmyभारत
Open in App

संबंधित खबरें

भारतजमानत नियम और जेल अपवाद, यूएपीए मामले में भी यही नियम?, सुप्रीम कोर्ट ने हंदवाड़ा निवासी सैयद इफ्तिखार अंद्राबी को दी राहत, पासपोर्ट जमा करने और हर 15 दिन में एक बार थाने जाओ?

भारतसुंबली मावस उत्सव: घाटी में गूंजी पुरानी आवाजें, 37 साल बाद कश्मीरी पंडितों ने अपनी मिट्टी को चूमा

क्राइम अलर्टजम्मू-कश्मीर: अपहरण के मामलों में 50% की कमी, लेकिन शून्य पर पहुंचना अभी बाकी

भारतचौंकाने वाला आंकड़ा: कश्मीर में कुत्तों से आगे निकलीं बिल्लियां, 85,000 से ज़्यादा लोग हुए शिकार

भारत'भारतवासियों का विश्वास मुझे न रुकने देता है, न थकने' नीदरलैंड्स में बोले PM मोदी

भारत अधिक खबरें

भारत'भारत अब नक्सल-मुक्त है': अमित शाह ने छत्तीसगढ़ में उग्रवाद के खात्मे की घोषणा की

भारतMadhya Pradesh: खेलते‑खेलते कार में बंद 4 साल की बच्ची की मौत, दो घंटे तक किसी ने नहीं देखा

भारतमुंबई और अहमदाबाद के बीच भारत की पहली बुलेट ट्रेन की पहली झलक सामने आई

भारतमहाराष्ट्र के पालघर में शादी के परिवार को ले जा रहे एक ट्रक की दूसरे ट्रक से टक्कर, 12 की मौत, 20 से ज़्यादा घायल

भारतरांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में महिला कैदी का किया गया यौन शोषण, हुई गर्भवती, कराया गया गर्भपात! नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र