पटना: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान सोमवार को अपने परिवार के साथ पटना पहुंचे, जहां उन्होंने पटना सिटी स्थित ऐतिहासिक तख्त श्री पटना साहिब गुरुद्वारे में माथा टेका. इस दौरान भगवंत मान ने केंद्र सरकार और भाजपा पर जमकर हमला बोला. आम आदमी पार्टी के सांसदों के भाजपा के साथ जाने के सवाल पर भगवंत मान ने तीखा कटाक्ष करते हुए कहा कि यह लोकतंत्र नहीं, लोकतंत्र की हत्या है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा विपक्षी दलों को तोड़ने और विधायकों-सांसदों की खरीद-फरोख्त की राजनीति कर रही है.
मान ने कहा कि पंजाब में भाजपा के पास खुद केवल दो विधायक हैं, लेकिन दूसरे दलों के जनप्रतिनिधियों को अपने साथ जोड़ने का “सियासी कारोबार” जारी है. उन्होंने कहा कि भाजपा को पार्टी तोड़ने का धंधा छोड़कर देश के विकास पर ध्यान देना चाहिए. जनता ने जिन विचारों के लिए नेताओं को चुना, उन्हें सत्ता के दबाव और लालच से बदलना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है.
बिहार और पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची पुनरीक्षण और एसआईआर जैसे मुद्दों को लेकर भी केंद्र पर निशाना साधते हुए उन्होंने साफ कहा कि अगर पंजाब में वोट काटने या लोगों के अधिकार कमजोर करने की कोशिश हुई तो उसे किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. वहीं प्रधानमंत्री मोदी की उस अपील पर भी भगवंत मान ने पलटवार किया, जिसमें देशवासियों से पेट्रोल और सोने की खपत कम करने की बात कही गई थी.
मान ने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री पहले देश को यह बताएं कि देश में पेट्रोल-डीजल और सोने का वास्तविक स्टॉक कितना बचा है? उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने अनडिक्लेयर लॉकडाउन जैसी स्थिति पैदा कर दी है. भगवंत मान ने कहा कि प्रधानमंत्री लोगों से विदेश यात्रा न करने की अपील कर रहे हैं, वर्क फ्रॉम होम की सलाह दे रहे हैं, लेकिन खुद विदेश दौरों पर निकल पड़े हैं. आखिर देश को स्पष्ट क्यों नहीं बताया जा रहा कि आर्थिक हालात कितने गंभीर हैं?
मान ने प्रधानमंत्री के माय फ्रेंड डोनाल्ड ट्रंप वाले पुराने बयान का भी जिक्र किया और कहा कि प्रधानमंत्री अपने मित्रों से पूछकर देश को बताएं कि भारत की आर्थिक स्थिति और विदेश नीति आखिर किस दिशा में जा रही है? महंगाई के मुद्दे पर भी भगवंत मान ने केंद्र सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान पेट्रोल-डीजल की कीमतों को कृत्रिम रूप से नियंत्रित रखा गया, लेकिन चुनाव खत्म होते ही दाम बढ़ा दिए गए। मान ने कहा कि अब युद्ध और वैश्विक तनाव के नाम पर जनता की जेब पर बोझ डाला जा रहा है.