नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने गुरुवार को लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पर बात की और कहा कि असलियत यह है कि यह मामला सिर्फ़ महिला आरक्षण बिल का नहीं है, बल्कि महिलाओं को सही प्रतिनिधित्व दिलाने और महिला सशक्तिकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाने का है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए कोटा का विचार ऐतिहासिक रूप से पुराना है, और इसकी शुरुआत का श्रेय उन्होंने मोतीलाल नेहरू को दिया।
उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब महिला आरक्षण पर एक बड़ी बहस चल रही है। इस दौरान उन्होंने राजनीतिक श्रेय लेने के दावों का भी खंडन किया और कहा कि महिला बिल को लेकर किए गए प्रयास सिर्फ़ किसी एक पार्टी की तरफ़ से ही शुरू नहीं हुए थे।
केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि भले ही पीएम मोदी यह दावा करते हैं कि उन्हें इसका श्रेय नहीं चाहिए, लेकिन महिलाओं को गुमराह नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी ज़ोर देकर कहा कि यह मुद्दा सिर्फ़ राजनीतिक दावों से कहीं आगे का है और उन्होंने इस बिल के पीछे की मंशा पर सवाल उठाया।
प्रियंका गांधी ने आगे कहा कि राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर आग्रह किया था कि महिला आरक्षण बिल को हकीकत में बदला जाए। उन्होंने यह भी बताया कि इससे पहले सोनिया गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व में भी प्रयास किए गए थे, जब 2010 में यह बिल पास हो गया था, लेकिन लोकसभा में मंज़ूर नहीं हो पाया था।