मध्यप्रदेश: आचार्य शंकर की गुरु एवं संन्यास भूमि ओंकारेश्वर में मनाया जाएगा एकात्म पर्व, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित द्वारका शंकराचार्य सदानंद सरस्वती करेंगे शुभारंभ

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: April 16, 2026 20:19 IST2026-04-16T20:19:56+5:302026-04-16T20:19:56+5:30

कार्यक्रम का शुभारंभ 17 अप्रैल को प्रातः 9:30 बजे मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव, द्वारका पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री सदानंद सरस्वती जी के पावन सान्निध्य तथा विवेकानंद केंद्र की उपाध्यक्ष पद्मश्री निवेदिता भिड़े, स्वामी शारदानंद सरस्वती की उपस्थिति में होगा। 

The 'Ekatma Parv' will be celebrated in Omkareshwar—the sacred land of Acharya Shankar's spiritual initiation and renunciation to inaugurated by Chief Minister Dr. Mohan Yadav | मध्यप्रदेश: आचार्य शंकर की गुरु एवं संन्यास भूमि ओंकारेश्वर में मनाया जाएगा एकात्म पर्व, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित द्वारका शंकराचार्य सदानंद सरस्वती करेंगे शुभारंभ

मध्यप्रदेश: आचार्य शंकर की गुरु एवं संन्यास भूमि ओंकारेश्वर में मनाया जाएगा एकात्म पर्व, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित द्वारका शंकराचार्य सदानंद सरस्वती करेंगे शुभारंभ

भोपाल: आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास ,मध्य प्रदेश शासन, संस्कृति विभाग द्वारा आदि गुरु शंकराचार्य के प्रकटोत्सव वैशाख शुक्ल पंचमी के उपलक्ष्य में 'एकात्म पर्व' का पंच दिवसीय भव्‍य आयोजन 17 से 21 अप्रैल, 2026 तक ओंकारेश्वर के मांधाता पर्वत पर 'एकात्म धाम' में आयोजित किया जा रहा है । इस पंच दिवसीय मांगलिक अनुष्ठान में भारत की दिव्य संन्यास परंपरा के शीर्ष संतों, आर्ष चिंतकों और विशिष्टजनों की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। कार्यक्रम का शुभारंभ 17 अप्रैल को प्रातः 9:30 बजे मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव, द्वारका पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री सदानंद सरस्वती जी के पावन सान्निध्य तथा विवेकानंद केंद्र की उपाध्यक्ष पद्मश्री निवेदिता भिड़े, स्वामी शारदानंद सरस्वती की उपस्थिति में होगा। 

शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव अद्वैत लोक एवं अक्षर ब्रह्म प्रदर्शनी का लोकार्पण करेंगे साथ ही वैदिक अनुष्ठान में भी सम्मिलित होंगे। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के मार्गदर्शन में एकात्म धाम के द्वितीय चरण में आचार्य शंकर के जीवन और दर्शन पर केंद्रित अद्वैत लोक संग्रहालय का निर्माण किया जा रहा है, मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव की अध्यक्षता में मई, 2025 में आयोजित कैबिनेट में ‘अद्वैत लोक’ संग्रहालय के निर्माण हेतु 2195 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। 

वैशाख शुक्ल पंचमी के अवसर पर 21 अप्रैल को शंकरावतरणम् में संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी , जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि और चिन्मय मिशन के स्वामी तेजोमयानंद सरस्वती ,दक्षिणामूर्ति मठ, के प्रमुख स्वामी पुण्यानंद गिरि,राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति बी.राम सुब्रमण्यम प्रमुख रूप से सम्मिलित होंगे।  

अद्वैतामृतम् - विमर्श सभा में विभिन्न विषयों पर होगा संवाद 

इस सत्र के अंतर्गत अद्वैत वेदांत की समकालीन परंपराओं पर विस्तृत चर्चा होगी,जिसमें 17 अप्रैल को अद्वैत एवं Gen-Z जैसे महत्वपूर्ण एवं समसामयिक विषय पर स्वामी स्वात्मानंद सरस्वती, स्वामिनी ब्रह्मप्रज्ञानंद सरस्वती, सतावधानी ललितादित्य और विशाल चौरसिया युवाओं के नजरिए से अद्वैत की व्याख्या करेंगे। उड़िया बाबा पर माँ पूर्णप्रज्ञा, स्वामी प्रणवानंद सरस्वती और आचार्य मिथिलेशनन्दिनी शरण (अयोध्या) इस परंपरा के दार्शनिक पहलुओं पर चर्चा करेंगे।

18 अप्रैल को रामकृष्ण मिशन पर स्वामी जपसिद्धानंद, स्वामी वेदतत्त्वानंद पुरी और स्वामी सर्वभद्रानंद (बेलूर मठ) अद्वैत के सेवा भाव पर प्रकाश डालेंगे, वहीं सिख संप्रदाय पर आयोजित सत्र में निर्मल अखाड़ा के स्वामी दर्शन सिंह और प्रो. जगबीर सिंह अद्वैत और 'एक ओंकार' के अंतर्संबंधों पर विमर्श करेंगे।अद्वैत एवं पर्यावरण विषय पर स्वामी चिदानंद सरस्वती (परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश) और डॉ. बालकृष्ण पिसुपति (UNEP) अद्वैत दृष्टि से प्रकृति संरक्षण पर बात करेंगे। इसी दिन रमण आश्रम पर आयोजित सत्र में डॉ. वेंकट एस. रमणन, प्रो.भूपेंद्र गोदारा और स्वामिनी सद्विद्यानंद सरस्वती महर्षि रमण के आत्म-विचार पर संवाद करेंगे। 
 
आधुनिक प्रासंगिकता: संवाद और कार्यशाला

महोत्सव में अद्वैत दर्शन को नई पीढ़ी और आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए विशेष सत्र रखे गए हैं,जिसमें 19 अप्रैल को अद्वैत एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता (A.I.) आयोजित सत्र में स्वामी परम शिवानंद, डॉ. प्रत्युष कुमार, कल्याण मुत्तुराजन और प्रो. राहुल गर्ग (IIT दिल्ली) ए.आई. और चेतना के विषयों पर चर्चा करेंगे। अद्वैत एवं वैश्विक शांति विषय पर स्वामी परमात्मानंद सरस्वती, प्रो.प्रियंकर उपाध्याय एवं नीमा मजूमदार संवाद करेंगे। 

इसी दिन सत्त्व, रज, तम कार्यशाला में मानव स्वभाव के गुणों पर आधारित विशेष सत्र में स्वामी वेदतत्त्वानंद पुरी एवं विशाल चौरसिया संवाद करेंगे । वहीं एक भारत: आचार्य शंकर के पदचिह्नों पर आयोजित सत्र में अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एन वेंकट रामन, स्वामी परिपूर्णानंद सरस्वती और अनुराधा गोयल सांस्कृतिक एकता पर संवाद करेंगे। दिनांक 20 अप्रैल को चिन्मय मिशन पर आयोजित सत्र में स्वामिनी विमलानंद सरस्वती और स्वामी अद्वैतानंद सरस्वती मिशन के कार्यों और वेदांत के प्रसार पर अपनी बात रखेंगे । 

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में देश के प्रमुख कलाकार देंगे प्रस्तुति, सांस्कृतिक संध्या: 'रसो वै सः में गूंजेगे एकात्मता के स्वर 

17 अप्रैल: श्री जयतीर्थ मेवुंडी का शास्त्रीय गायन और शुभदा वराडकर की ओड़िसी प्रस्तुति 'एकम्'। 
18 अप्रैल: सुश्री जसलीन कौर की गुरु वाणी और डॉ. पद्मजा सुरेश का भरतनाट्यम 'शक्ति'।  
19 अप्रैल: पार्वती बाउल का 'मोनेर मानुष' और रमा वैद्यनाथन का भरतनाट्यम 'नमामि देवी'।  
20 अप्रैल: लता सिंह मुंशी का भरतनाट्यम और एस. ऐश्वर्या - सौंदर्या का कर्नाटक संगीत 'शिवोऽहम्'।  
21 अप्रैल: अभय घाट पर पद्मश्री हेमंत चौहान की 'निर्गुण वाणी' और मणिपुर नृत्य की प्रस्तुति।  

दीक्षा एवं अलंकरण समारोह में शामिल होंगे जूनापीठाधीश्वर, देश-विदेश के 700 से अधिक युवा ‘शंकरदूत’ के रूप में लेंगे दीक्षा 

21 अप्रैल, वैशाख शुक्ल पंचमी पर जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि एवं अन्य संतो की उपस्थिति में प्रातः 6 बजे नर्मदा तट पर आयोजित दीक्षा समारोह में देश-विदेश के 700 से अधिक युवा ‘शंकरदूत’ के रूप में दीक्षा लेंगे।  इसी दिन संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी एवं अन्य अतिथियों द्वारा मुख्य समारोह में अद्वैत वेदांत दर्शन के सुदीर्घ प्रसार हेतु स्वामी तेजोमयानंद सरस्वती एवं गौतम भाई पटेल को सम्मानित किया जाएगा। 

प्रतिदिन वैदिक अनुष्ठान के साथ होंगे विविध अनुष्ठान

महोत्सव के प्रत्येक दिन की शुरुआत श्री ब्रह्मषि कुप्प सुब्रमण्यम अवधानी  के मार्गदर्शन में वैदिक अनुष्ठान से होगी। इसमें पञ्चाङ्ग पूजन, चतुर्वेद नवशाखा पारायण, रुद्रपारायण, अभिषेक, पंचायतन पूजा, यज्ञ और श्रीचक्र नवावरण पूजा जैसे अनुष्ठान शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, आचार्य शंकर द्वारा रचित ग्रंथों और शाङ्करभाष्य का पारायण भी विद्वानों द्वारा किया जाएगा।  

एकात्म धाम: एकात्मता का वैश्विक केंद्र 

ज्ञात हो कि आचार्य शंकर ने भारतवर्ष का भ्रमण कर सम्पूर्ण राष्ट्र को सार्वभौमिक एकात्मता से आलोकित किया। अद्वैत वेदान्त दर्शन के शिरोमणि, सनातन वैदिक धर्म के पुनरुद्धारक एवं सांस्कृतिक एकता के देवदूत श्री शंकर भगवत्पाद का जीवन एवं दर्शन अनंत वर्षों तक संपूर्ण विश्व का पाथेय बने, इस संकल्प के साथ आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास, मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति विभाग आचार्य की संन्यास एवं ज्ञान भूमि 'ओंकारेश्वर' में भव्य एवं दिव्य 'एकात्म धाम' के निर्माण के लिए संकल्पित है।
 
एकात्मधाम के अंतर्गत प्रथम चरण में आचार्य शंकर की 108 फीट की 'एकात्मता की मूर्ति' (स्टैचू ऑफ़ वननेस) की स्थापना की गई है।वहीं द्वितीय चरण में 2195 इक्कीस सौ पंचानवे करोड़ रुपए  की लागत से आचार्य शंकर के जीवन और दर्शन पर केंद्रित अद्वैत लोक संग्रहालय का निर्माण किया जा रहा है।

Web Title: The 'Ekatma Parv' will be celebrated in Omkareshwar—the sacred land of Acharya Shankar's spiritual initiation and renunciation to inaugurated by Chief Minister Dr. Mohan Yadav

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