लाइव न्यूज़ :

Jammu and Kashmir: लगातार 7वें साल सर्दी सूखी रही, जम्‍मू कश्‍मीर में बारिश की कमी

By सुरेश एस डुग्गर | Updated: March 3, 2026 13:10 IST

जम्मू डिवीजन में, किश्तवाड़ में 90 परसेंट की कमी दर्ज की गई, जबकि कठुआ और जम्मू जिले नार्मल से क्रमशः 66 परसेंट और 64 परसेंट कम थे। रामबन और उधमपुर में भी काफी कमी दर्ज की गई।

Open in App

जम्‍मू:जम्मू कश्मीर में लगातार सातवीं बार सर्दियों में बारिश में कमी दर्ज की गई है, दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 का समय सामान्य से 65 प्रतिशत कम रहा। आंकड़ों के मुताबिक, कश्‍मीर में सर्दियों के मुख्य महीनों में 100.6 मिमी बारिश हुई, जबकि सामान्य तौर पर 284.9 मिमी बारिश होती है, जो हाल के सालों में सबसे सूखे मौसमों में से एक है।

आंकड़ों से पता चला है कि दिसंबर 2025 में सिर्फ 13.0 मिमी बारिश हुई, जबकि सामान्य तौर पर 59.4 मिमी बारिश होती है, यानी 78 प्रतिशत की कमी। जबकि जनवरी 2026 में 73.4 मिमी बारिश हुई, जबकि सामान्य तौर पर 95.1 मिमी बारिश होती है, जिससे कुछ वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की वजह से कमी 23 प्रतिशत तक कम हो गई।

लेकिन, फरवरी में बारिश में भारी गिरावट देखी गई, जिसमें नार्मल 130.4 मिमी के मुकाबले सिर्फ 14.2 मिमी बारिश हुई — यानी 89 परसेंट की कमी — जिससे सीजनल एवरेज काफी नीचे आ गया। वर्ष 2025-26 की सर्दियां अब पिछले सात सालों में सबसे कम बारिश वाली सर्दियों में से एक है। वर्ष 2019-20 से, जम्मू कश्मीर में हर सर्दियों का मौसम नार्मल से कम रहा है।

पिछली सर्दियों में दर्ज की गई कमियों में माइनस 20 परसेंट (2019-20), माइनस 37 परसेंट (2020-21), माइनस 8 परसेंट (2021-22), माइनस 34 परसेंट (2022-23), माइनस 54 परसेंट (2023-24), माइनस 45 परसेंट (2024-25), और माइनस 65 परसेंट (2025-26) शामिल हैं। इसके उलट, 2016-17 और 2018-19 जैसे पिछले सालों में ज्‍यादा सर्दियां दर्ज की गई थीं।

जिले के हिसाब से मिलने वाले आंकड़ों से पता चलता है कि कश्मीर और जम्मू दोनों डिवीजन में बारिश में बहुत कमी हुई है। कश्मीर में, श्रीनगर में 84.2 मिमी बारिश रिकार्ड की गई, जबकि नार्मल बारिश 236.5 मिमी होती है, यानी 64 परसेंट की कमी।

शोपियां में सबसे अधिक बारिश हुई, जो नार्मल से 82 परसेंट कम थी, जबकि कुलगाम में 80 परसेंट की कमी दर्ज की गई। कुपवाड़ा, बडगाम और अनंतनाग में भी 60 परसेंट से ज्‍यादा बारिश की कमी दर्ज की गई।

जम्मू डिवीजन में, किश्तवाड़ में 90 परसेंट की कमी दर्ज की गई, जबकि कठुआ और जम्मू जिले नार्मल से क्रमशः 66 परसेंट और 64 परसेंट कम थे। रामबन और उधमपुर में भी काफी कमी दर्ज की गई।

मौसम विभाग विशेषज्ञों का कहना था कि सर्दियों में बारिश केंद्र शासित प्रदेश के लिए बहुत जरूरी है क्योंकि ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी से नदियों और झरनों में पानी आता है, ग्राउंडवाटर रिचार्ज होता है और वसंत और गर्मियों के महीनों में सिंचाई में मदद मिलती है। लगातार कम सर्दियां बर्फ जमा होने और साल के आखिर में पिघले पानी की उपलब्धता पर असर डाल सकती हैं। 

वे कहते थे कि इस साल की सर्दियां बिना किसी खास मौसमी हलचल के बीत जाने से जम्मू कश्मीर में पानी का संकट पैदा हो सकता है। उन्होंने इस ट्रेंड का कारण वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की फ्रीक्वेंसी और इंटेंसिटी में बदलाव को बताया, जो इस इलाके में सर्दियों में बारिश का मुख्य सोर्स हैं।

वे कहते थे कि आने वाले महीनों में स्थिति पर नजर रखी जाएगी, खासकर खेती, बागवानी और पानी के सोर्स पर इसके संभावित असर को देखते हुए।

टॅग्स :जम्मू कश्मीरभारतीय मौसम विज्ञान विभाग
Open in App

संबंधित खबरें

भारतजमानत नियम और जेल अपवाद, यूएपीए मामले में भी यही नियम?, सुप्रीम कोर्ट ने हंदवाड़ा निवासी सैयद इफ्तिखार अंद्राबी को दी राहत, पासपोर्ट जमा करने और हर 15 दिन में एक बार थाने जाओ?

भारतओडिशा भीषण गर्मीः बौध शहर में 42.9 डिग्री सेल्सियस?, 11 स्थानों पर अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज

भारतदिल्ली में भीषण लू का कहर, IMD ने 45 डिग्री सेल्सियस तक तापमान पहुंचने की चेतावनी दी

भारतसुंबली मावस उत्सव: घाटी में गूंजी पुरानी आवाजें, 37 साल बाद कश्मीरी पंडितों ने अपनी मिट्टी को चूमा

क्राइम अलर्टजम्मू-कश्मीर: अपहरण के मामलों में 50% की कमी, लेकिन शून्य पर पहुंचना अभी बाकी

भारत अधिक खबरें

भारत'भारत अब नक्सल-मुक्त है': अमित शाह ने छत्तीसगढ़ में उग्रवाद के खात्मे की घोषणा की

भारतMadhya Pradesh: खेलते‑खेलते कार में बंद 4 साल की बच्ची की मौत, दो घंटे तक किसी ने नहीं देखा

भारतमुंबई और अहमदाबाद के बीच भारत की पहली बुलेट ट्रेन की पहली झलक सामने आई

भारतमहाराष्ट्र के पालघर में शादी के परिवार को ले जा रहे एक ट्रक की दूसरे ट्रक से टक्कर, 12 की मौत, 20 से ज़्यादा घायल

भारतरांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में महिला कैदी का किया गया यौन शोषण, हुई गर्भवती, कराया गया गर्भपात! नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र