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दिल्ली: हिंदूराव के बाद अब कस्तूरबा अस्पताल के डॉक्टर आज से हड़ताल पर, जुलाई से नहीं मिला है वेतन

By विनीत कुमार | Updated: October 14, 2020 07:51 IST

कस्तूरबा अस्पताल के डॉक्टरों ने 14 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक हड़ताल पर जाने का फैसला किया है। डॉक्टरों का कहना है कि उन्हों पिछले तीन महीने से सैलरी नहीं दी गई है।

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ठळक मुद्देदिल्ली में कस्तूरबा अस्पताल के डॉक्टरों ने भी हड़ताल का ऐलान किया, आज से एक हफ्ते की हड़तालउत्तरी दिल्ली नगर निगम के तहत आता है अस्पताल, डॉक्टरों का आरोप, जुलाई से नहीं मिला है उन्हें वेतन

दिल्ली के लोगों के लिए मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। हिंदूराव अस्पताल के बाद अब कस्तूरबा अस्पताल के डॉक्टरों ने भी हड़ताल का ऐलान किया है। कस्तूरबा अस्पताल के डॉक्टरों ने मंगलवार को इस बारे में घोषणा की।

डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें लंबे समय से उत्तरी दिल्ली नगर निगम की ओर से सैलरी नहीं दी जा रही है और इसलिए वे 14 से 20 अक्टूबर तक हड़ताल पर रहेंगे और प्रदर्शन करेंगे। साथ ही डॉक्टरों ने इस बात की भी चेतावनी दी है कि अगर जल्द उनकी सैलरी का भुगतान नहीं किया जाता है तो वे एक साथ इस्तीफा भी दे सकते हैं।

रेसिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) ने कहा है कि उन्होंने अपनी योजना के बारे में मेडिकल सुप्रिटेंडेंट को बता दिया है। एसोसिएशन की ओर से कहा गया, 'हमें जुलाई से सैलरी नहीं मिल रही है और इस समय में जब डॉक्टर लगातार निष्ठा से काम कर रहे हैं, ये उनके लिए मुश्किल हो रहा है। हमने अस्पताल प्रशासन को बता दिया है कि सभी रेडिडेंट डॉक्टर्स, वे भी जो इमरजेंसी सेवा में लगे हुए हैं, सभी बुधवार से काम पर नहीं आएंगे।' 

टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार आरडीए प्रेसिडेंट सुनील कुमार ने कहा, 'हमें इस कदम को उठाने के लिए मजबूर किया गया है क्योंकि ये अब आम बात जैसी हो गई है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बावजूद मेडिकल स्टाफ को नियमित सैलरी के भुगतान की बात को कोई गंभीरता से नहीं ले रहा है।'

कस्तूरबा अस्पताल में डॉक्टरों की हड़ताल मरीजों की मुश्किलें और बढ़ा सकता है। गौरतलब है कि इससे पहले हिंदूराव अस्पताल में हड़ताल के बाद कई मरीजों को कस्तूबा अस्पताल लाया गया था। हालांकि, अब यहां भी हालात हिंदूराव अस्पताल जैसे बन गए हैं। 

इससे पहले दिल्ली सरकार ने नगर निगम के बाड़ा हिंदूराव अस्पताल को कोविड-19 के लिए निर्दिष्ट अस्पतालों की सूची से मंगलवार को हटा दिया। इस अस्पताल के डॉक्टर वेतन नहीं मिलने की वजह से हड़ताल पर हैं। 

वहीं, सुनील कुमार ने बताया, 'हमने प्रशासन को लिखा तो हमें अपना फैसला वापस लेने को कहा गया और बताया गया कि जल्द एक महीने की सैलरी को जारी कर दिया जाएगा। हमने लेकिन इससे मना कर दिया क्योंकि हम पिछले तीन महीनों की सैलरी चाहते हैं। इस बार जब तक पूरी सैलरी नहीं मिल जाती है, हम पीछे नहीं हटेंगे।'

हिंदूराव अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टर भी तीन महीने से वेतन नहीं मिलने की वजह से शुक्रवार से 'सांकेतिक बेमियादी हड़ताल' पर चले गए थे। इससे पहले पिछले साल भी मई में हिंदूराव अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टर वेतन भुगतान को लेकर बार-बार होने वाली परेशानी के मद्देनजर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए थे।

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