पटनाः राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद बुधवार को अपने बड़े बेटे तेज प्रताप यादव के आवास पर आयोजित मकर संक्रांति के भोज में शामिल हुए। हालांकि, इससे कुछ महीने पहले ही उन्होंने तेज प्रताप को पार्टी से निष्कासित कर दिया था और उनसे सभी व्यक्तिगत संबंध तोड़ लेने की घोषणा की थी। निष्कासन के बाद ‘जनशक्ति जनता दल’ (जेजेडी) नाम से अपनी नई पार्टी बनाने वाले तेज प्रताप यादव ने मंगलवार रात अपने माता-पिता और छोटे भाई तेजस्वी यादव से मुलाकात कर उन्हें ‘दही-चूड़ा’ भोज का निमंत्रण दिया था। हालांकि, परिवार से केवल लालू प्रसाद ही भोज में पहुंचे।
मकर संक्रांति के अवसर पर जजद अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने बुधवार को अपने आवास पर दही चूड़ा भोज का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में उनके पिता और राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के अलावा तमाम बड़े नेता शामिल हुए। इस दौरान लालू यादव ने न सिर्फ बेटे को इस आयोजन के लिए मनोबल बढ़ाया बल्कि इस दौरान पुत्र के सियासी भविष्य की बेहतरी का आशीर्वाद भी दिया। इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए लालू यादव ने कहा कि वो तेजप्रताप से नाराज नहीं है। वो परिवार के साथ ही रहे।
तेजप्रताप के भाजपा में जाने के सवाल पर कहा कि बेटे को हमेशा आशीर्वाद रहेगा। लालू यादव ने कहा कि ऐसे भोज सभी लोगों को करने चाहिए। उन्होंने कहा कि तेजप्रताप यादव ने इस आयोजन में सभी दलों के लोगों को आमंत्रित किया है, चाहे वे भाजपा के हों या विरोधी दलों के, यह एक अच्छा और सराहनीय कदम है।
लालू यादव ने साफ शब्दों में कहा कि परिवार में किसी तरह की कोई नाराजगी नहीं है और सब कुछ ठीक है। उन्होंने तेजप्रताप यादव को आशीर्वाद भी दिया और कहा कि आपसी मेल-मिलाप से ही समाज में सकारात्मक संदेश जाता है। वहीं, इस दौरान तेज प्रताप यादव ने मकर संक्रांति के बाद पूरे बिहार में यात्रा निकालने का ऐलान किया।
भोज के दौरान ही तेज प्रताप यादव ने भविष्य की सियासत की रूपरेखा भी तय कर ली। पत्रकारों से बातचीत में तेज प्रताप यादव ने कहा कि आगे वह पूरे बिहार में यात्रा निकालेंगे। उन्होंने कहा कि पिताजी आ गए, आशीर्वाद दिए। गवर्नर साहब आए, वो भी आशीर्वाद दिए। बड़े बुजुर्ग से आशीर्वाद लेते हुए कुछ नया काम करना है आगे।
तेज प्रताप ने कहा कि अब इसके बाद पूरे बिहार में यात्रा लगेगा। दही-चूड़ा भोज में तेज प्रताप ने अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव को भी निमंत्रित किया था। वह आधी रात को तेजस्वी को निमंत्रण देने पहुंचे थे। इसके बावजूद तेजस्वी इस कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। इस पर जब पत्रकारों ने सवाल किया तो तेज प्रताप ने कहा कि छोटे भाई हैं, थोड़ा लेट से सोकर उठते हैं, इसलिए अभी तक दही-चूड़ा भोज में नहीं आ पाए हैं।
वहीं, चूड़ा-दही भोज के दौरान राघोपुर से आए एक कार्यकर्ता ने माइक पर खुद को राघोपुर विधानसभा क्षेत्र का बताया। इसपर तेजप्रताप यादव ने तुरंत माइक संभालते हुए कहा कि आप राघोपुर से आए हैं तो आपके विधायक कहां हैं?” तेजप्रताप ने कहा कि राघोपुर के विधायक अब तक यहां क्यों नहीं पहुंचे?” उनके इस सवाल को सीधे तौर पर तेजस्वी यादव से जोड़कर देखा जा रहा है।
तेजप्रताप के इस बयान के बाद कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों के बीच कानाफूसी शुरू हो गई। कई लोग इसे पारिवारिक तंज तो कुछ इसे राजनीतिक संदेश के तौर पर देख रहे हैं। बता दें कि दही-चूड़ा भोज में तेज प्रताप यादव के मामा प्रभुनाथ यादव और साधु यादव भी पहुंचे थे। इस दौरान प्रभुनाथ यादव ने कहा कि राज्यपाल और लालू जी ने आशीर्वाद दिए हैं। आज से दिन शुभ होने वाला है।
परिवार एक है, कोई दूरी नहीं है। हम अपने भगिना को आशीर्वाद दिया है। साथ ही उन्होंने यह भी बड़ी बात कही कि तेज प्रताप यादव बहुत आगे जाने वाले हैं.।दोनों भाई एक साथ हैं। सारे मामा का आशीर्वाद है। साधु यादव भी सालों बाद तेजप्रताप यादव के आवास पर नजर आए। साधु यादव ने कहा कि मैं अपने भांजा तेजप्रताप यादव को बधाई देने आया हूं।
वह खूब तरक्की करे, यही शुभकामना है। साधु यादव ने भी परिवार की एकता पर जोर देते हुए कहा कि तेजप्रताप यादव की पहल बड़ी बात है। उन्होंने कहा कि पूरा परिवार एक रहेगा तभी मजबूत रहेगा। परिवार की एकजुटता सबसे जरूरी है। भोज में केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के नेता पशुपति कुमार पारस भी शामिल हुए।
उन्होंने तेजप्रताप यादव को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सभी को बहुत-बहुत बधाई। लालू यादव का पूरा परिवार पहले भी एक था और आज भी एक है। पशुपति पारस के इस बयान को सियासी हलकों में खास संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। उनके इस बयान से पारिवारिक रिश्तों में नरमी के संकेत मिले हैं।
वहीं, भोज में शामिल होने के बाद राज्यपाल आरिफ मुहम्मद खान ने तेज प्रताप यादव के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि सभी को मकर संक्रांति की ढेरों बधाई। तेजप्रताप यादव ने अच्छी कोशिश की है, सभी लोगों को बुलाया है। लालू जी और पूरे परिवार को मेरी शुभकामनाएं। उम्र और कई स्वास्थ्य समस्याओं के चलते प्रायः घर में ही रहने वाले लालू प्रसाद ने पत्रकारों के सवालों का जवाब नहीं दिया,
लेकिन उनके भोज में भाग लेने से परिवार में सुलह की अटकलें तेज हो गई हैं। लालू प्रसाद ने मई 2025 में तेज प्रताप को राजद से निष्कासित करते हुए कहा था कि उनसे अब ‘परिवार का कोई लेना-देना नहीं रहेगा।’ उन्होंने अपने बड़े बेटे के आचरण की आलोचना करते हुए उसे ‘गैर-जिम्मेदाराना’ करार दिया था और कहा था कि यह उनके परिवार के मूल्यों के अनुरूप नहीं है।
यह निष्कासन उस घोषणा के एक दिन बाद हुआ था, जब तेज प्रताप ने सोशल मीडिया पर दावा किया था कि वह 12 वर्षों से एक महिला के साथ रिश्ते में हैं, जबकि वह पहले से विवाहित हैं और उनका तलाक का मामला अभी पारिवारिक अदालत में लंबित है। हालांकि, कुछ ही घंटों बाद उन्होंने (तेज प्रताप) यह पोस्ट हटा दी थी और ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर कहा था कि उनका फेसबुक अकाउंट ‘हैक’ हो गया था।
विधानसभा चुनाव से पहले तेज प्रताप ने जनशक्ति जनता दल का गठन करके कई सीट पर उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन सभी की जमानत जब्त हो गई। तेज प्रताप ने मंगलवार को उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा द्वारा आयोजित इसी तरह के भोज में भी शिरकत करके अटकलों को हवा दी थी।
हालांकि, न तो उन्होंने और न ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेतृत्व ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में उनके शामिल होने को लेकर कोई पुष्टि या खंडन करने वाला बयान दिया है। तेज प्रताप के घर आयोजित भोज में लालू प्रसाद के अलावा राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान भी पहुंचे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और अन्य मंत्री जनता दल-यूनाइटेड (जदयू) के वरिष्ठ नेता रत्नेश सदा द्वारा आयोजित भोज में शामिल हुए। जब उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा से लालू प्रसाद के तेज प्रताप के घर जाने को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, ‘‘आखिर वे एक परिवार हैं।
त्योहार के मौके पर जब लोग मतभेद भूल जाते हैं, तो वे साथ न हों, ऐसा कैसे हो सकता है?” सिन्हा ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा, “मैं उन्हें सलाह दूंगा कि विदेश यात्राओं पर कम समय बिताएं।” तेजस्वी के एक महीने से अधिक समय तक बाहर रहने के बाद राज्य में लौटने के संदर्भ में उन्होंने यह टिप्पणी की।